Last Updated:
Sidhi News: हीट स्ट्रोक के लक्षणों को बिल्कुल नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. शरीर में तेज गर्मी, उल्टी आना, त्वचा में जलन और शरीर का तापमान 104 डिग्री या उससे ज्यादा हो जाना गंभीर संकेत हो सकते हैं. ऐसे में फौरन नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए.
सीधी. मध्य प्रदेश के सीधी जिले में इन दिनों मार्च महीने में ही लगातार बढ़ते तापमान का असर देखने को मिल रहा है. बढ़ती गर्मी ने आमजन का जीवन काफी हद तक अस्त-व्यस्त कर दिया है. सुबह के समय कुछ इलाकों में हल्की धुंध नजर आती है लेकिन जैसे-जैसे दिन चढ़ता है, तापमान तेजी से बढ़ने लगता है. दोपहर होते-होते हालात ऐसे हो जाते हैं कि बच्चों और बुजुर्गों के लिए घर से बाहर निकलना मुश्किल हो जाता है. मौसम विभाग के अनुसार, गुरुवार को सीधी जिले में इस सीजन का अब तक का सबसे अधिक तापमान दर्ज किया गया, जहां पारा 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया. वहीं आसपास के जिलों में तापमान करीब 35 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया. विशेषज्ञों का कहना है कि आमतौर पर मार्च में हल्की गर्मी रहती है लेकिन इस बार तापमान में अचानक वृद्धि देखने को मिल रही है, जो चिंता का विषय है. यदि यही स्थिति बनी रही, तो आने वाले दिनों में गर्मी और भी अधिक बढ़ सकती है.
डॉ रूपेश सोनी ने लोकल 18 को बताया कि केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा हीटवेव को लेकर एडवाइजरी जारी की गई है, जिसमें लोगों को गर्मी से बचाव के लिए विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है. बाहर निकलते समय पानी की बोतल साथ रखना बेहद जरूरी है और समय-समय पर पानी पीते रहना चाहिए. दोपहर के समय तेज धूप से बचना जरूरी है. यदि बाहर जाना ही पड़े तो छाता, सनग्लास और सनस्क्रीन का उपयोग करें. खासतौर पर दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच बाहर निकलने से बचना चाहिए. बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है क्योंकि वे गर्मी के प्रति अधिक संवेदनशील होते हैं.
नजरअंदाज न करें ये लक्षण
उन्होंने बताया कि हीट स्ट्रोक के लक्षणों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए. शरीर में तेज गर्मी, त्वचा में जलन, उल्टी आना और शरीर का तापमान 104 डिग्री या उससे अधिक हो जाना गंभीर संकेत हो सकते हैं. ऐसे में तुरंत नजदीकी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. वहीं गर्मी बढ़ने के साथ ही अस्पतालों में भी तैयारियां तेज कर दी गई हैं. सरकारी अस्पताल में मरीजों की बढ़ती संख्या को देखते हुए अतिरिक्त डॉक्टरों की ड्यूटी लगाई गई है. वेटिंग एरिया में वॉटर कूलर और पंखों की व्यवस्था की गई है ताकि मरीजों को राहत मिल सके. साथ ही इमरजेंसी वार्ड में विशेष हीट स्ट्रोक रूम बनाया गया है, जहां प्रभावित मरीजों का इलाज किया जाएगा.
स्वास्थ्य विभाग द्वारा लोगों को ORS का मुफ्त वितरण भी किया जा रहा है, जिससे डिहाइड्रेशन से बचाव हो सके. विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित रूप से पानी, नारियल पानी, नींबू पानी और ताजे फलों के जूस का सेवन करना चाहिए ताकि शरीर में पानी की कमी न हो और गर्मी के प्रभाव से बचा जा सके.
About the Author
राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.
.