उमरिया के बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व से एक बाघिन को भोपाल के वन विहार भेज दिया गया है। इस बाघिन को अप्रैल महीने में धमोखर परिक्षेत्र के पिपरिया बीट से रेस्क्यू किया गया था। रेस्क्यू के बाद बाघिन को मगधी जोन के बहेरहा इंक्लोजर में रखा गया था।
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बाघिन की लगभग तीन महीने तक निगरानी की गई। इस दौरान पाया गया कि वह वन्य प्राणियों का शिकार करने में असमर्थ है। इसी कारण उसे जंगल में छोड़ना संभव नहीं था। सोमवार को 20 सदस्यीय टीम ने बाघिन को रेस्क्यू कर वन विहार भेज दिया।
बाघिन की उम्र लगभग तीन वर्ष
बाघिन की उम्र लगभग तीन वर्ष बताई जा रही है। इसने पहले 12 वर्षीय एक बालक पर हमला किया था। इस हमले में बालक की मौत हो गई थी। इसके बाद वन विभाग ने बाघिन को जंगल से रेस्क्यू किया था।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि बाघिन के व्यवहार की रिपोर्ट भोपाल भेजी गई थी। इसके बाद ही बाघिन का रेस्क्यू कर वन विहार भेजने का निर्णय लिया गया। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व बाघों के लिए देश और दुनिया में प्रसिद्ध है।

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