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देश के बहुचर्चित पुणे पोर्श कांड के आरोपियों को जमानत दिए जाने पर पीड़ित परिवार ने हैरानी जताई है और कहा है कि जमानत से छूटकर आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे और गवाहों को भी धमका सकते हैं. हादसे के वक्त पोर्श कार में पीछे बैठे दो आरोपियों पर केस न चलाने पर भी अश्विनी के पिता ने नाराजगी जताई है.
रिपोर्ट-प्रवीन पटेल/जबलपुर
Pune Porsche accident: पुणे के बहुचर्चित ‘पोर्श हिट-एंड-रन’ मामले में खून के सैंपल से छेड़छाड़ में मदद करने के तीन आरोपियों को सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने पर इस दुर्घटना में मारे गए दो इंजीनियरों के परिजनों ने निराशा जताई और शीर्ष अदालत से जमानत रद्द करने की मांग की.
पिछले साल हादसे में दो इंजीनियर की हुई थी मौत
पुणे के कल्याणी नगर में 19 मई 2024 को हुए इस हादसे में 24 साल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर अनीश अवधिया और अश्विनी कोष्टा की मौत हो गई थी. अनीश उमरिया जिले के बिरसिंहपुर पाली के रहने वाले थे जबकि कोष्टा जबलपुर की रहने वाली थी.
सैंपल से छेड़छाड़ के आरोपियों को मिली जमानत
सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को दुर्घटना के बाद खून के सैंपल से छेड़छाड़ में मदद करने के आरोपी आदित्य सूद, आशीष मित्तल और संतोष गायकवाड़ को यह कहते हुए जमानत दे दी कि वे 18 महीने से जेल में हैं. मित्तल मुख्य आरोपी के पिता का दोस्त है, जबकि सूद उस लड़के का पिता है जो कार में सवार था. गायकवाड़ एक बिचौलिया है जिसने ब्लड रिपोर्ट में हेरफेर करने के लिए कथित रूप से तीन लाख रुपए की रकम ली थी.
अश्विनी कोष्टा के पिता ने जताई हैरानी
आरोपियों को जमानत मिलने के बाद अश्विनी कोष्टा के पिता ने हैरानी जताई है. उन्होंने आशंका जताई है कि आरोपी सबूतों से छेड़छाड़ करेंगे और गवाहों को भी धमका सकते हैं. आरोपियों पर सख्त निगरानी करने की पीड़ित परिवार ने मांग उठाई है. इसके अलावा हादसे के वक्त पोर्श कार में पीछे बैठे दो आरोपियों पर केस न चलाने पर भी अश्विनी के पिता ने ऐतराज जताया है.
बंबई हाई कोर्ट ने पिछले साल दिसंबर में उन्हें जमानत देने से इनकार कर दिया था. उच्चतम न्यायालय की ओर से तीनों आरोपियों को जमानत देने के फैसले पर अनीश के परिजनों ने मायूसी जताते हुए आरोप लगाया कि उन्हें न्याय नहीं मिला और इससे समाज में गलत संदेश जा रहा है.
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