पथरी से राहत दिलाने वाला आयुर्वेदिक पौधा पथरचट्टा, जानें इसके चमत्कारी फायदे

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Benefits of Kalanchoe pinnata: आयुर्वेद में पथरी की समस्या से राहत पाने के लिए पथरचट्टा (Kalanchoe pinnata) को बेहद प्रभावी माना गया है. इसकी पत्तियां रस, काढ़ा, पाउडर या चटनी के रूप में उपयोग की जाती हैं. यह न सिर्फ किडनी को साफ करने और पथरी तोड़ने में मदद करता है, बल्कि सूजन, फोड़े-फुंसी और पाचन समस्याओं में भी लाभकारी है.

पथरी की समस्या से निपटने के लिए आयुर्वेद में एक पौधे को बेहद कारगर माना जाता है, जिसे आमतौर पर पथरचट्टा कहा जाता है. इसका वैज्ञानिक नाम कैलेंचो पिन्नाटा (Kalanchoe pinnata) है. इसे ‘जादुई पौधा’ इसलिए कहा जाता है क्योंकि इसकी पत्तियों के किनारों पर नए पौधे उग आते हैं और यह शरीर पर कई तरह से काम करता है.

 पथरचट्टा के पत्तों का रस 4-5 ताजी और कोमल पथरचट्टा की पत्तियां लें। उन्हें अच्छी तरह धो लें। इन्हें मोर्टर और पेस्टल में पीसकर एक महीन पेस्ट बना लें। इस पेस्ट को एक महीन कपड़े में डालकर अच्छी तरह निचोड़कर रस निकाल लें। इस निकाले गए 1 से 2 चम्मच रस को एक कप पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं। स्वाद में यह थोड़ा कसैला होता है।

पथरचट्टा के पत्तों का रसः 4-5 ताजी और कोमल पथरचट्टा की पत्तियां लें. उन्हें अच्छी तरह धो लें. इन्हें मोर्टर और पेस्टल में पीसकर एक महीन पेस्ट बना लें. इस पेस्ट को एक महीन कपड़े में डालकर अच्छी तरह निचोड़कर रस निकाल लें. इस निकाले गए 1 से 2 चम्मच रस को एक कप पानी में मिलाकर सुबह खाली पेट पिएं. स्वाद में यह थोड़ा कसैला होता है.

पत्तियों का काढ़ा 10 से 12 पत्तियों को 2 कप पानी में उबालें। तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए। इस ठंडे हुए काढ़े को दिन में दो बार (सुबह-शाम) पिएं। यह किडनी को साफ करने और पथरी को तोड़ने में मदद करता है।

पत्तियों का काढ़ाः 10 से 12 पत्तियों को 2 कप पानी में उबालें. तब तक उबालें जब तक पानी आधा न रह जाए. इस ठंडे हुए काढ़े को दिन में दो बार (सुबह-शाम) पिएं. यह किडनी को साफ करने और पथरी को तोड़ने में मदद करता है.

पत्तियों को चबाना अगर आपको इसका कड़वा स्वाद बर्दाश्त है तो रोजाना सुबह एक छोटी और कोमल पत्ती को अच्छी तरह चबाकर खा सकते हैं और उसके बाद एक गिलास गुनगुना पानी पी सकते हैं।

पत्तियों को चबानाः अगर आपको इसका कड़वा स्वाद बर्दाश्त है तो रोजाना सुबह एक छोटी और कोमल पत्ती को अच्छी तरह चबाकर खा सकते हैं और उसके बाद एक गिलास गुनगुना पानी पी सकते हैं.

पथरचट्टा की पत्तियों की चटनी 4 से 5 पत्तियों को धोकर उसमें थोड़ा अदरक, जीरा और एक चुटकी काला नमक मिलाकर पीस लें। इस चटनी को भोजन के साथ या सीधे थोड़ी मात्रा में ले सकते हैं। इससे पाचन भी अच्छा रहता है।

पथरचट्टा की पत्तियों की चटनीः 4 से 5 पत्तियों को धोकर उसमें थोड़ा अदरक, जीरा और एक चुटकी काला नमक मिलाकर पीस लें. इस चटनी को भोजन के साथ या सीधे थोड़ी मात्रा में ले सकते हैं. इससे पाचन भी अच्छा रहता है.

पत्तियों का पाउडर पथरचट्टा की पत्तियों को छाया में सुखाकर महीन पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर को एक एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें। रोजाना आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें

पत्तियों का पाउडरः पथरचट्टा की पत्तियों को छाया में सुखाकर महीन पीसकर पाउडर बना लें. इस पाउडर को एक एयरटाइट डिब्बे में स्टोर करें. रोजाना आधा चम्मच पाउडर गुनगुने पानी के साथ लें.

बाहरी उपयोग पथरचट्टा की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें। इस लेप को चोट, सूजन, फोड़े-फुंसी या जलन वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है। इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं।

बाहरी उपयोगः पथरचट्टा की पत्तियों को पीसकर लेप बना लें. इस लेप को चोट, सूजन, फोड़े-फुंसी या जलन वाली जगह पर लगाने से आराम मिलता है. इसमें एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं.

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