40 की उम्र के बाद इन 5 फूड्स से करें परहेज ! फिटनेस को बनाना है बेहतर, तो मान लीजिए यह बात

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Foods To Avoid After 40: हमारे शरीर में उम्र बढ़ने के साथ कई बदलाव होते हैं और इसके हिसाब से खानपान की जरूरतें भी बदलती रहती हैं. 40 की उम्र के बाद गलत खान-पान का असर ज्यादा पड़ता है. ऐसे में प्रोसेस्ड मीट, शुगर ड्रिंक्स, तले हुए और अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स से बचना जरूरी है. संतुलित डाइट अपनाकर उम्र के साथ भी फिट और स्वस्थ रह सकते हैं.

हमारी उम्र के साथ शरीर की जरूरतें और कामकाज बदलने लगता है. खासतौर पर 40 की उम्र के बाद मेटाबॉलिज्म धीमा हो जाता है, हार्मोनल बदलाव शुरू हो जाते हैं और शरीर पहले की तरह हर चीज को आसानी से पचा नहीं पाता. ऐसे में खान-पान का सीधा असर हमारी फिटनेस और हेल्थ पर पड़ता है. यह बदलाव अचानक नहीं आते, बल्कि यह एक प्राकृतिक प्रक्रिया है, जिसे समझकर सही डाइट अपनाना बेहद जरूरी है.

मशहूर फिटनेस कोच डैन गो ने सोशल साइट X पर एक पोस्ट में बताया है कि इंसानों में उम्र बढ़ने के दो बड़े चरण होते हैं- पहला लगभग 44 साल की उम्र में और दूसरा 60 साल के आसपास. पहले चरण में सर्केडियन रिद्म, दिल की सेहत, लिपिड मेटाबॉलिज्म और कैफीन व अल्कोहल को प्रोसेस करने की क्षमता प्रभावित होती है. यही कारण है कि 40 के बाद देर रात जागना या अनहेल्दी खान-पान शरीर पर ज्यादा असर डालने लगता है.

आजकल का फूड एनवायरमेंट हमारी सेहत के खिलाफ काम कर रहा है. अल्ट्रा-प्रोसेस्ड फूड्स हमारी डाइट का बड़ा हिस्सा बन चुके हैं, जो हमें ज्यादा खाने के लिए प्रेरित करते हैं, लेकिन पेट भरने का अहसास नहीं देते. ऐसे में जरूरी है कि हम उन फूड्स की पहचान करें, जो हमारी उम्र के साथ नुकसानदायक हो सकते हैं. ऐसे कुछ फूड्स से परहेज करना जरूरी है.

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प्रोसेस्ड मीट : प्रोसेस्ड मीट जैसे बेकन, सॉसेज, हॉट डॉग और डेली मीट में सोडियम, सैचुरेटेड फैट और नाइट्रेट्स की मात्रा अधिक होती है. ये तत्व शरीर में सूजन बढ़ाते हैं और उम्र बढ़ने की प्रक्रिया को तेज कर सकते हैं. विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने भी इन्हें कैंसर के जोखिम से जोड़कर देखा है. इसके बजाय ताजा मांस, चिकन या मछली बेहतर विकल्प हो सकते हैं.

शुगरी ड्रिंक्स और अल्कोहल : शुगरी ड्रिंक्स और शराब शरीर में शुगर को तेजी से बढ़ाती है, जिससे इंसुलिन का स्तर अचानक बढ़ जाता है. 40 के बाद शरीर की अल्कोहल को पचाने की क्षमता भी कम हो जाती है, जिससे लिवर पर दबाव बढ़ता है. इनकी जगह ग्रीन टी, ब्लैक कॉफी या स्पार्कलिंग वॉटर लेना ज्यादा फायदेमंद होता है.

फ्राइड फूड्स : फ्राइड फूड्स को हाई टेम्परेचर पर पकाने से हानिकारक तत्व जैसे एक्रिलामाइड बनते हैं, जो दिमाग और शरीर के लिए नुकसानदायक हैं. इसके अलावा बार-बार गर्म किए गए तेल ट्रांस फैट में बदल जाते हैं, जो हार्ट हेल्थ को प्रभावित करते हैं. इसलिए एयर-फ्राइड या कम तेल में बने खाने को प्राथमिकता देना बेहतर है.

रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट : सफेद ब्रेड, पेस्ट्री और प्रोसेस्ड सीरियल्स जैसे रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट्स में फाइबर नहीं होता, जिससे शुगर तेजी से ब्लड में पहुंचती है और इंसुलिन स्पाइक होता है. इससे एनर्जी अचानक बढ़ती है और फिर गिर जाती है, जिससे थकान महसूस होती है. इनके बजाय साबुत अनाज, ओट्स और क्विनोआ जैसे विकल्प बेहतर हैं.

अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक्स : चिप्स, कुकीज और फास्ट फूड्स जैसे अल्ट्रा-प्रोसेस्ड स्नैक्स न सिर्फ वजन बढ़ाते हैं, बल्कि आंतों की सेहत को भी नुकसान पहुंचाते हैं. ये गुड बैक्टीरिया को कम करते हैं और शरीर में सूजन बढ़ाते हैं. इसके बजाय नट्स, फल और ग्रीक योगर्ट जैसे हेल्दी स्नैक्स लेना ज्यादा फायदेमंद है.

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