मौनी अमावस्या पर पवित्र संगम में स्नान के बाद 5 गलतियों को करने से बचें! वरना अधूरा रह जाएगा पुण्य

18 जनवरी 2026, रविवार के दिन मौनी अमावस्या है. इस खास तिथि पर प्रयागराज माघ मेले के दौरान लोग त्रिवेणी संगम में स्नान करेंगे. मौनी अमावस्या का स्नान आध्यात्मिक नजरिए से बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है. मान्यताओं के मुताबिक, इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने से मृत्यु के बाद मोक्ष की प्राप्ति होती है. ऐसे में मौनी अमावस्या के दिन स्नान करने वालों को कुछ गलतियों को करने से बचना चाहिए.

हिंदू चंद्र पंचांग के मुताबिक, माघ मेले में मौनी अमावस्या का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम) में स्नान करने से आत्मा शुद्ध होने के साथ पुण्य की प्राप्ति होती है. इस खास तिथि पर अनुष्ठान की पवित्रता और शुद्धता बनाए रखने के लिए भक्तों को कुछ खास प्रथाओं और गलतियों से बचना चाहिए.

हिंदू चंद्र पंचांग के मुताबिक, माघ मेले में मौनी अमावस्या का दिन अत्यंत शुभ माना जाता है. इस दिन त्रिवेणी संगम (गंगा, यमुना और सरस्वती नदियों का संगम) में स्नान करने से आत्मा शुद्ध होने के साथ पुण्य की प्राप्ति होती है. इस खास तिथि पर अनुष्ठान की पवित्रता और शुद्धता बनाए रखने के लिए भक्तों को कुछ खास प्रथाओं और गलतियों से बचना चाहिए.

Published at : 15 Jan 2026 06:33 PM (IST)

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