प्रयागराज में अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। शनिवार रात 10 से15 युवक भगवा झंडा लिए नारे करते हुए पहुंच गए। शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश की। आई लव बुलडोजर और CM योगी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे। इस दौरान अव
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इससे पहले, अविमुक्तेश्वरानंद के शिष्यों ने शंकराचार्य की जान को खतरा बताया था। कहा था- प्रशासन और उसके गुंडे हैं। संत के वेश में यहां शैतान घूम रहे। उनसे शंकराचार्य की जान को खतरा है। शंकराचार्य शिविर की सुरक्षा के लिए अंदर और बाहर 12 CCTV कैमरे लगवाए हैं।
युवकों ने पहले शंकराचार्य के शिविर में घुसने की कोशिश की। उनके शिष्यों से धक्का-मुक्की के बाद वे योगी जिंदाबाद के नारे लगाने लगे।
मौनी अमावस्या पर क्या हुआ था, जानिए 18 जनवरी को माघ मेले में मौनी अमावस्या पर अविमुक्तेश्वरानंद पालकी में स्नान करने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रोका और पैदल जाने को कहा। विरोध करने पर शिष्यों से धक्का-मुक्की हुई। इससे नाराज अविमुक्तेश्वरानंद शिविर के बाहर धरने पर बैठ गए।
प्रशासन ने अविमुक्तेश्वरानंद को 48 घंटे में दो नोटिस जारी किए। पहले में उनके शंकराचार्य की पदवी लिखने और दूसरे में मौनी अमावस्या को लेकर हुए बवाल पर सवाल पूछे गए। प्रशासन ने चेतावनी दी थी कि क्यों न आपको हमेशा के लिए माघ मेले से बैन कर दिया जाए। अविमुक्तेश्वरानंद ने दोनों नोटिस के जवाब भेज दिए थे।
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