When Youth Starts Fading: हर किसी की चाहत ताउम्र जवां रहने की होती है. उम्र बढ़ना एक नेचुरल प्रक्रिया है, जिसे रोकना मुमकिन नहीं है. बचपन के बाद टीनएज, फिर जवानी, मिडिल एज और आखिर में बुढ़ापा आना तय होता है. जवानी केवल उम्र का आंकड़ा ही नहीं, बल्कि शरीर, दिमाग और हार्मोन के संतुलन का नाम है. अक्सर लोगों के मन में सवाल होता है कि इंसान अपनी जिंदगी में सबसे ज्यादा फिट, ताकतवर और तेज कब होता है और आखिर किस उम्र के बाद शरीर ढलान की ओर बढ़ने लगता है. विज्ञान और मेडिकल रिसर्च इस बारे में काफी दिलचस्प जानकारी देती हैं, जो हमारी सोच से थोड़ी हटकर हैं.
वैज्ञानिकों के अनुसार शारीरिक रूप से इंसान सबसे ज्यादा जवान 20 से 30 साल की उम्र के बीच होता है. इस उम्र में मसल्स स्ट्रेंथ, स्टैमिना, फेफड़ों की क्षमता और हड्डियों की मजबूती अपने पीक पर होती है. हार्वर्ड और स्टैनफोर्ड यूनिवर्सिटी की कई स्टडीज बताती हैं कि इसी उम्र में शरीर की रिकवरी सबसे तेज होती है और चोट या बीमारी से उबरने की क्षमता भी सबसे ज्यादा रहती है. इस उम्र में लोगों की हर तरह की क्षमता सबसे ज्यादा होती है. 30 की उम्र के बाद शरीर कमजोर होना शुरू हो जाता है.
अगर ब्रेन पावर यानी दिमागी क्षमता की बात करें तो कहानी थोड़ी अलग है. न्यूरोसाइंस के अनुसार प्रोसेसिंग स्पीड यानी तेजी से सोचने और रिएक्ट करने की क्षमता 20 से 30 साल की उम्र में सबसे ज्यादा होती है, लेकिन निर्णय लेने की समझ, भावनात्मक नियंत्रण और प्रैक्टिकल इंटेलिजेंस 30 से 40 की उम्र में अपने पीक पर पहुंचती है. यानी शरीर जवान पहले होता है, लेकिन दिमाग की मेच्योरिटी थोड़ी देर से आती है. अगर इस हिसाब से मानें तो हमारा दिमाग 40 साल तक सबसे ज्यादा जवान रहता है.
अब सवाल आता है कि जवानी ढलनी कब शुरू होती है? वैज्ञानिक रूप से देखा जाए तो शरीर में बदलाव 30 की उम्र के बाद धीरे-धीरे शुरू हो जाते हैं. मसल मास हर साल लगभग 1 प्रतिशत कम होने लगता है, मेटाबॉलिज्म स्लो होने लगता है और हार्मोनल बदलाव भी शुरू हो जाते हैं. हालांकि ये बदलाव अचानक नहीं होते, बल्कि बहुत धीरे-धीरे असर दिखाते हैं, इसलिए कई लोगों को इसका एहसास 40 के बाद होता है. अच्छी लाइफस्टाइल और बेहतर डाइट से कई लोग 50-60 तक यंग महसूस करते हैं.
महिलाओं और पुरुषों में जवानी के ढलने का पैटर्न भी अलग होता है. महिलाओं में 30s के बाद एस्ट्रोजन हार्मोन में बदलाव आने लगते हैं, जिसका असर त्वचा, हड्डियों और एनर्जी लेवल पर पड़ता है. वहीं पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर 30 की उम्र के बाद धीरे-धीरे कम होने लगता है, जिससे ताकत और स्टैमिना में फर्क आ सकता है. हालांकि हेल्दी लाइफस्टाइल से इन प्रभावों को काफी हद तक धीमा किया जा सकता है.
हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो जवान रहने के लिए सिर्फ उम्र ही नहीं, बल्कि लाइफस्टाइल का हेल्दी होना भी जरूरी है. सही खानपान, नियमित एक्सरसाइज, अच्छी नींद, तनाव से दूरी और पॉजिटिव सोच के साथ इंसान 40 और 50 की उम्र में भी खुद को जवान महसूस कर सकता है. विज्ञान यही कहता है कि उम्र बढ़ना प्राकृतिक है, लेकिन जवानी को लंबे समय तक बनाए रखना काफी हद तक हमारे हाथ में होता है.