धार शहर में नगर पालिका द्वारा करोड़ों रुपए की लागत से बनाई गई सड़कें जर्जर हो गई हैं। शहर के कायाकल्प के दो चरणों के तहत एक-दो साल पहले बनी ये सड़कें अब बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी हैं। कई स्थानों पर डामर पूरी तरह उखड़ गया है, जिससे वाहन चालक
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शहरवासियों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं और भ्रष्टाचार हुआ है।
कांग्रेस के जिला प्रवक्ता अजय सिंह ठाकुर ने इस संबंध में कहा कि
करोड़ों रुपये खर्च कर बनाई गई सड़कों की गुणवत्ता इतनी खराब थी कि वे बारिश का सामना नहीं कर पाईं और टूट गईं। उन्होंने जिम्मेदारों पर कार्रवाई और सड़कों के गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण की मांग की है।


घोषणा के बाद भी काम शुरू नहीं नगर पालिका अध्यक्ष नेहा महेश बोड़ाने ने बारिश समाप्त होने के बाद सड़कों की मरम्मत और पुनर्निर्माण शुरू कराने की घोषणा की थी। हालांकि, नवंबर माह तक भी किसी प्रकार का कार्य प्रारंभ नहीं हो सका है। बारिश के दौरान सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं, जिससे अब यह शहरवासियों के लिए एक बड़ी समस्या बन गई है।
धार की कई प्रमुख सड़कें बदहाली का शिकार हैं। इनमें टीवीएस चौराहा से भोज हॉस्पिटल तक, अनिल प्लाज़ा से मगजपुरा रोड और छतरी चौराहा से मंडी तक की सड़कें शामिल हैं। इन मार्गों पर डामर उखड़ गया है और गड्ढों के कारण वाहन चलाना जोखिम भरा हो गया है।
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