भोपाल नगर निगम के स्लॉटर हाउस से निकले मांस में गोमांस की पुष्टि के बाद गिरफ्तार असलम कुरैशी उर्फ चमड़ा को 70 दिन बाद सेशन कोर्ट से जमानत मिलने के बाद बुधवार (18 मार्च) रात उसकी रिहाई हो गई। हालांकि, जेल से निकलते ही उसे दोबारा गिरफ्तार कर लिया गया। गुरुवार (19 मार्च) को रिहाई के महज 22 घंटे बाद असलम चमड़ा के खिलाफ NSA के तहत कार्रवाई की गई और दोबारा जेल में दाखिल कर दिया गया। लग्जरी लाइफ और हाई-प्रोटीन डाइट लेने वाले असलम का जेल में रहने के दौरान चार किलो वजन कम हो गया है। इसकी पुष्टि जेल में दर्ज उसके रिकॉर्ड से हुई है। 8 जनवरी 2026 को जब उसे जेल में दाखिल किया गया था, तब उसका वजन 65 किलो था। गुरुवार को दोबारा जेल में दाखिल किए जाने के बाद नए सिरे से उसका रिकॉर्ड तैयार किया गया। तब उसका वजन 61 किलो निकला। एनएसए की कार्रवाई के बाद असलम को जेल में नई पहचान विचाराधीन बंदी नंबर 500/26 के रूप में मिली है। सुरक्षा कारणों के चलते उसे जेल के ‘बी’ खंड स्थित बिल्डिंग सेंटर में रखा गया है। मंत्री और विधायक बोले- गौ हत्या करने वालों को नहीं छोड़ा जाएगा असलम चमड़े पर कार्रवाई को लेकर मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि गौ हत्यारों को बख्शा नहीं जाएगा। मध्यप्रदेश में मोहन यादव की सरकार है। ऐसे गौ हत्यारे, जिन्होंने गौ माता की हत्या की है, उन्हें नहीं छोड़ा जाएगा। असलम चमड़े पर रासुका के तहत कार्रवाई हुई है और आगे भी सख्त कार्रवाई की जाएगी। विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि असलम चमड़े के साथ और भी जितने “चमड़े” हैं, उनके भी चमड़े उधेड़े जाएंगे। अभी तो NSA लगा है, आगे और भी कार्रवाई बाकी है। असलम चमड़े ने जो पाप किया है, उसे उसकी सौ पीढ़ियां भी नहीं धो पाएंगी। डॉ. मोहन यादव की मध्यप्रदेश सरकार गौ माता की रक्षा के लिए समर्पित है। जेल से निकलते ही उठा ले गई थी पुलिस बुधवार रात करीब 10 बजे भोपाल सेंट्रल जेल के मुख्य द्वार से असलम के निकलते ही पुलिस टीम ने उसे गिरफ्तार किया था। लाल रंग की पोलो कार से उसे जेल परिसर से बाहर निकाला गया। इस कार का एक वीडियो भी सामने आया है। पहले उसे परवलिया सड़क फिर सीहोर रोड ले जाया गया। इसके बाद देर रात उसे थाने लेकर पहुंची पुलिस ने कार्रवाई की। इधर गोमांस तस्करी से जुड़े पूरे मामले का खुलासा करने का दावा करने वाले भानू हिंदू का आरोप है कि पुलिस की ओर से कमजोर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की गई थी। इन्हीं खामियों का फायदा असलम को बेल मिलने में मिला। भानू के मुताबिक, पुलिस ने केस की शुरुआत से ही लापरवाही की थी। गोमांस से भरे कंटेनर को छोड़ दिया गया था। हैदराबाद जिस सैंपल को जाना था, वह खराब हो गया। मथुरा से आई सैंपल रिपोर्ट के आधार पर उसकी गिरफ्तारी की गई थी। जानिए कोर्ट ने जमानत आदेश में क्या कहा? अदालत ने बुधवार को अपने आदेश में कहा कि संबंधित अपराध न तो मृत्युदंड और न ही आजीवन कारावास से दंडनीय है और यह न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा विचारणीय है। आरोपी दो माह से अधिक समय से अभिरक्षा में है, जबकि मामले की विवेचना पूरी हो चुकी है और चार्जशीट भी प्रस्तुत की जा चुकी है। ऐसे में ट्रायल पूरा होने में समय लगने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता, इसलिए जमानत देना उचित है। कोर्ट ने यह भी उल्लेख किया कि आरोपी का यह दूसरा जमानत आवेदन था। पहला आवेदन गुण-दोष के आधार पर निरस्त नहीं हुआ था। अब परिस्थितियों में बदलाव और जांच पूरी होने के बाद जमानत दी गई। साथ ही शर्त रखी गई है कि आरोपी ट्रायल में कोई बाधा नहीं डालेगा और बिना अनुमति देश से बाहर नहीं जाएगा। इन शर्तों पर बाहर आया असलम असलम की तरफ से वकील विजय चौधरी और जगदीश गुप्ता ने कोर्ट में पक्ष रखा। कोर्ट ने जमानत देते हुए कुछ शर्तें भी रखी। वह केस की सुनवाई में कोई रुकावट नहीं डालेगा। बिना कोर्ट की इजाजत के वह देश छोड़कर बाहर नहीं जा सकेगा। सुनवाई के दौरान वह बार-बार तारीखें आगे बढ़ाने (स्थगन) की मांग नहीं करेगा। 17 दिसंबर की रात पकड़ा गया 26 टन मांस 17 दिसंबर की रात हिंदू संगठनों ने पुलिस कंट्रोल रूम के पास एक कंटेनर पकड़ा था, जो जिंसी स्लॉटर हाउस से निकला था। इसमें 26 टन मांस भरा था। जब इस मांस के सैंपल मथुरा की लैब भेजे गए, तो वहां से आई रिपोर्ट में इसमें गोमांस होने की बात सामने आई। रिपोर्ट आने के बाद 8 जनवरी 2026 को जहांगीराबाद पुलिस ने केस दर्ज कर असलम और ड्राइवर शोएब को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने निकाली थी निगम-पुलिस की अर्थी असलम चमड़ा को जमानत मिलने के बाद गुरुवार को बजरंग दल कार्यकर्ताओं ने पुलिस कमिश्नर कार्यालय के सामने प्रदर्शन करते हुए नगर निगम और पुलिस प्रशासन की सांकेतिक अर्थी निकाली थी और पुतला दहन किया था। इस दौरान मौके पर जमकर नारेबाजी की हुई थी। .