वर्ल्ड अल्जाइमर्स डे 21 सितंबर को है. यह बीमारी भारत में इतनी गंभीर हो चुकी है कि 88 लाख बुजुर्ग इसके साथ जी रहे हैं जबकि सिर्फ 10 फीसदी में ही पहचान हो पाती है और उनका इलाज हो पाता है. एम्स न्यूरोलॉजी की हेड डॉ. मंजरी त्रिपाठी ने कहा कि इस बार अल्जाइमर्स डे की थीम है डिमेंशिया के बारे में पूछें, अल्जाइमर्स के बारे में पूछें. यह थीम इसलिए है ताकि लोगों में इस रोग के बारे में बातचीत हो और इसका अर्ली स्टेज में पता लगाया जा सके. शोध बताते हैं कि इस बीमारी की जल्दी पहचान और जीवनशैली में बदलाव से डिमेंशिया या अल्जाईमर्स के खतरे को 40 फीसदी तक कम किया जा सकता है.