देवास जिले में रविवार को एशियाई जलपक्षी गणना (एशियन वाटर बड्स सेंसस)-2026 का आयोजन किया गया। वन विभाग के मार्गदर्शन में हुई इस गणना का मुख्य उद्देश्य देवास के वेटलैंड्स की स्थिति का आकलन करना और जलीय पक्षियों की प्रजातियों व संख्या का पता लगाना था। य
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वन विभाग देवास के एशियाई जलपक्षी जनगणना 2026 के नोडल अधिकारी विकास माहोरे के निर्देशन में यह गणना संपन्न हुई। इसके लिए देवास के छोटे-बड़े तालाबों, नदियों, डेम और बांधों के आसपास स्थित 45 वेटलैंड स्थलों का चयन किया गया था। गणना के दौरान देवास शहर के मीठा तालाब पर नॉब बिल्ड डक जैसी एक दुर्लभ प्रजाति देखी गई।
पूरे देवास जिले के 45 वेटलैंड स्थलों पर 50 से अधिक प्रजातियों के लगभग 5000 पक्षियों को दर्ज किया गया। यह पहली बार था जब मध्य प्रदेश ने एशियाई जलपक्षी जनगणना 2026 में भागीदारी की।
राज्य ने गणना के लिए सर्वाधिक स्थल चयन कर और सर्वाधिक चेकलिस्ट जमा करके देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस सर्वेक्षण के परिणामों के आधार पर वेटलैंड्स और जलीय पक्षियों के संरक्षण के लिए नए कदम उठाए जाएंगे। यह जानकारी डिप्टी रेंजर हेमराज गोखले द्वारा दी गई।
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