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Health Benefits of Beetroot Leaves: चुकंदर के पत्ते आयरन और विटामिन का समृद्ध स्रोत हैं जो थकान और सांस फूलने की समस्या को दूर करते हैं. यह लेख बताता है कि कैसे इन पत्तों को डाइट में शामिल कर कमजोरी दूर की जा सकती है.
आज की तेज़ रफ्तार ज़िंदगी में बहुत से लोग लगातार थकान, कमजोरी और सांस फूलने जैसी समस्याओं से जूझ रहे हैं. ज़रा-सा काम करते ही शरीर जवाब देने लगता है, सीढ़ियाँ चढ़ने पर सांस फूल जाती है और दिनभर एनर्जी की कमी महसूस होती है. ऐसे में महंगे सप्लीमेंट्स के बजाय देसी और सस्ता विकल्प भी बेहद कारगर साबित हो सकता है. चुकंदर के पत्तों की सब्ज़ी को आयुर्वेद और घरेलू परंपरा में शरीर की ताक़त बढ़ाने वाला एक शक्तिशाली स्रोत माना जाता रहा है.

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार चुकंदर के पत्तों में आयरन, फाइबर, विटामिन A, C और कई जरूरी मिनरल्स भरपूर मात्रा में पाए जाते हैं, जो शरीर के लिए अत्यंत फायदेमंद होते हैं. यही वजह है कि इन्हें नियमित रूप से आहार में शामिल करने से खून का संचार बेहतर होता है और शरीर की कमजोरी धीरे-धीरे कम होने लगती है. ग्रामीण इलाकों में आज भी लोग चुकंदर के पत्तों की भाजी को ताकत का एक प्राकृतिक और भरोसेमंद स्रोत मानते हैं.

जिन लोगों को बार-बार थकान, शरीर में भारीपन, या जल्दी सांस फूलने की शिकायत रहती है, उनके लिए यह एक आसान घरेलू उपाय हो सकता है. कई पोषण विशेषज्ञ मानते हैं कि हरी पत्तेदार सब्ज़ियों का सेवन शरीर की सहनशक्ति (Stamina) बढ़ाने में मदद करता है. चुकंदर के पत्ते भी इसी श्रेणी में आते हैं और शरीर को अंदर से मज़बूती देने का काम करते हैं.
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चुकंदर के पत्तों को खाने का तरीका बेहद सरल और सुलभ है. सबसे पहले ताज़े पत्तों को अच्छी तरह साफ पानी से धो लेना चाहिए ताकि उन पर लगी मिट्टी पूरी तरह साफ हो जाए. इसके बाद इन्हें हल्का उबालकर या साधारण तरीके से सब्ज़ी के रूप में पकाया जा सकता है. स्वाद बढ़ाने के लिए हल्के मसालों का इस्तेमाल किया जा सकता है, लेकिन स्वास्थ्य की दृष्टि से ज्यादा तेल और तीखे मसालों से बचना ही बेहतर होता है. तैयार होने के बाद इसे रोटी, दाल या चावल के साथ आसानी से खाया जा सकता है.

पोषण विशेषज्ञों की सलाह है कि चुकंदर के पत्तों का सेवन हफ्ते में 2 से 3 बार किया जा सकता है. नियमित लेकिन संतुलित मात्रा में सेवन करने से शरीर को बेहतर लाभ मिल सकता है. हालांकि, किसी भी चीज़ की अति नुकसानदेह हो सकती है, इसलिए रोज़ाना बहुत ज़्यादा मात्रा में इसका सेवन करने से बचना चाहिए.

जिन लोगों का पेट कमजोर है, उन्हें यह सब्ज़ी बहुत हल्के मसालों में बनाकर खानी चाहिए. वहीं, जिन लोगों को किडनी से जुड़ी कोई समस्या है, उन्हें अपने डॉक्टर की सलाह लेकर ही चुकंदर के पत्तों का सेवन करना चाहिए. स्वास्थ्य के मामले में जागरूकता और संतुलन बेहद जरूरी है.

चुकंदर के पत्ते एक सस्ती, आसानी से मिलने वाली और पौष्टिक सब्ज़ी हैं, जो रोज़मर्रा की थकान और कमजोरी से जूझ रहे लोगों के लिए बेहद फायदेमंद साबित हो सकती है. बदलती लाइफस्टाइल में अगर लोग अपने खाने में ऐसी देसी और पौष्टिक चीज़ों को शामिल करें, तो स्वास्थ्य को लंबे समय तक बेहतर बनाए रखा जा सकता है.