Summer Health Tips for Kids: छत्तीसगढ़ के सरगुजा जिले में जैसे ही गर्मी ने दस्तक दी, बच्चों में डिहाइड्रेशन (पानी की कमी) का खतरा भी बढ़ने लगा है. खासकर दूषित पानी और तेज धूप इस समस्या को और बढ़ा देते हैं. डॉक्टरों का कहना है कि अगर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो बच्चों की हालत गंभीर हो सकती है.
बच्चों में जल्दी होता है डिहाइड्रेशन
विशेषज्ञ डॉ. शैलेंद्र गुप्ता बताते हैं कि छोटे बच्चों के शरीर का लगभग दो-तिहाई हिस्सा पानी से बना होता है, इसलिए उनमें पानी की कमी जल्दी हो जाती है. अगर शरीर में पानी की कमी हो जाए तो बच्चे जल्दी कमजोर पड़ जाते हैं और उनकी तबीयत अचानक बिगड़ सकती है.
ये लक्षण दिखें तो तुरंत समझें खतरा
डॉक्टर के मुताबिक, डिहाइड्रेशन के कुछ साफ संकेत होते हैं त्वचा सूखी होना, आंखों के नीचे गड्ढे पड़ना,बच्चा चिड़चिड़ा होना, उल्टी या दस्त, अगर ये लक्षण दिखें तो इसे नजरअंदाज बिल्कुल न करें.
धूप में ज्यादा रहने से बढ़ता है खतरा
तेज धूप में ज्यादा देर रहने से शरीर से पसीना ज्यादा निकलता है, जिससे पानी की कमी हो जाती है. इसलिए बच्चों को दोपहर में बाहर खेलने से रोकें और उन्हें बार-बार पानी या तरल पदार्थ देते रहें.
पेशाब का रंग भी देता है संकेत
अगर बच्चा कम या गाढ़ा पेशाब कर रहा है, तो यह भी डिहाइड्रेशन का संकेत हो सकता है. ऐसी स्थिति में तुरंत बच्चे को पानी, जूस या ORS देना चाहिए. हालत गंभीर लगे तो डॉक्टर से तुरंत संपर्क करें.
ये सावधानियां रखें जरूरी
दोपहर में बच्चों को बाहर न भेजें, सुबह 10 बजे से पहले या शाम 6 बजे के बाद ही खेलने दें, साफ और शुद्ध पानी ही पिलाएं, बार-बार तरल पदार्थ देते रहें
कपड़ों का भी रखें ध्यान
गर्मी में बच्चों को ढीले और हल्के रंग के कपड़े पहनाएं. गहरे रंग के कपड़े गर्मी ज्यादा सोखते हैं, जिससे शरीर जल्दी गर्म हो जाता है. हल्के और आरामदायक कपड़े बच्चों को ठंडा रखने में मदद करते हैं.
थोड़ी सी लापरवाही बन सकती है बड़ी परेशानी
डॉक्टरों का कहना है कि गर्मी के मौसम में थोड़ी सी लापरवाही भी बच्चों के लिए खतरनाक हो सकती है. इसलिए समय पर ध्यान देना, सही खान-पान और पानी की पर्याप्त मात्रा देना ही सबसे बड़ा बचाव है.