Last Updated:
Winter Home Remedies : सर्दी में नमी कम होने से नाक में म्यूकस बढ़ता है, जिससे नाक जाम हो जाती है. इससे बचने के लिए लोग भाप, अजवाइन, नीलगिरी तेल, देसी घी, सलाइन स्प्रे और विटामिन-C फल का इस्तेमाल करते हैं. आइये जानते हैं कि डॉक्टर क्या कहते हैं…
सर्दी के मौसम में वातावरण में नमी कम हो जाती है और ठंडी हवा श्वसन तंत्र को प्रभावित करती है. ऐसे में शरीर वायरस और धूल से बचाव के लिए नाक के अंदर म्यूकस (बलगम) बढ़ा देता है. यही अतिरिक्त म्यूकस नाक बंद होने की मुख्य वजह बनता है. कई लोगों में एलर्जी और साइनस की समस्या भी सर्दी में तेज हो जाती है.

नाक जाम होने पर दिन में 1–2 बार गर्म पानी की भाप लेना बहुत फायदेमंद रहता है. इससे नाक की नसों को आराम मिलता है और जमी हुई बलगम ढीली होकर बाहर निकलने लगती है. चाहें तो पानी में एक-दो बूंद अजवाइन या नीलगिरी का तेल डाल सकते हैं, इससे भाप का असर और तेज होता है.

सूप, काढ़ा, नींबू-शहद वाला गुनगुना पानी या अदरक-तुलसी की चाय नाक की सूजन कम करने में मदद करते हैं. गर्म तरल पदार्थ गले की खराश भी कम करते हैं और शरीर को अंदर से गर्मी प्रदान करते हैं. जो कि आपको नाक जाम होने की समस्या से मुक्ति दिला सकती है.
Add News18 as
Preferred Source on Google

सर्दियों में कम नमी नाक की झिल्लियों को सूखा देती है. कमरे में ह्यूमिडिफायर का इस्तेमाल करें या पानी से भरी कटोरी कमरे में रख दें. इससे हवा में नमी बनी रहती है और नाक जाम होने की समस्या गंभीर नहीं होती.

पुराने घरेलू नुस्खों में नाक के अंदर थोड़ा-सा गर्म किया हुआ देसी घी या नारियल तेल लगाने की सलाह दी जाती है. इससे अंदर सूखापन कम होता है और सांस लेना आसान लगता है. सरसों तेल की हल्की भाप भी राहत देती है.

अगर congestion ज्यादा है, तो नमक मिले गुनगुने पानी से नाक की सफाई काफी असरदार रहती है. यह बलगम को बाहर निकालकर नाक के रास्ते साफ करता है. मार्केट में मिलने वाला सलाइन स्प्रे भी सुरक्षित विकल्प है, जिसे दिन में कई बार उपयोग किया जा सकता है.

सर्दी में विटामिन-C से भरपूर फल संतरा, अमरूद, कीवी और हरी सब्जियां ज्यादा लें. गर्म पानी पिएं, ठंडी चीजों का सेवन कम करें और पर्याप्त नींद लें. प्रतिरोधक क्षमता मजबूत रहने पर नाक जाम होने की समस्या कम होती है.

अगर नाक जाम 10 दिनों से ज्यादा रहे, तेज बुखार आए, आंखों-गालों में लगातार दर्द हो या सांस लेने में समस्या हो, तो डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है. बार-बार होने वाले साइनस या एलर्जी के मरीज विशेष उपचार से अच्छा लाभ पा सकते हैं.