क्या ठंड में आप भी नहीं पी रहे पानी? तो हो जाइए सावधान, कहीं न होना पड़ जाए अस्पताल में एडमिट

Last Updated:

Winter Health Care Tips: सर्दियों का मौसम आ चुका है. अबतक जो लोग कह रहे थे कि कब पड़ेगी सर्दी, वही अब बोल रहे हैं कि बाप रे बाप कितनी सर्दी. सर्दी का मौसम जितना खूबसूरत होता है, उतना ही आपकी हेल्थ के लिए एक खतरनाक भी साबित हो सकता है. ये बात हम इसलिए कह रहे हैं क्योंकि अक्सर ठंड में लोग पानी पीना कम कर देते हैं. यह बात सबको ही पता है कि पानी हमारे शरीर के लिए कितना जरूरी है. मगर, ठंड में आलस का कारण और प्यास कम लगने की वजह से पानी पीना ही बंद कर देते हैं. मगर, क्या आपको पता है कि पानी कम पीना आपके शरीर के लिए कितना खतरनाक हो सकता है. भले ही आपको प्यास न लगे लेकिन शरीर को अंदरूनी सफाई के लिए पानी की सर्दियों में भी बेहद जरूरत होती है. आइए जानते हैं आखिर इसका कारण क्या है कि प्यास कम लगती है और कैसे ‘थर्मल डिहाइड्रेशन’ आपके मस्तिष्क और त्वचा को नुकसान पहुंचाता है.

ठंड का मौसम जितना सुहावना होता है, स्वास्थ्य के लिए उतना ही चुनौतीपूर्ण भी हो सकता है. इस मौसम में सबसे बड़ा खतरा डिहाइड्रेशन यानी शरीर में पानी की कमी के रूप में सामने आता है. गर्मियों के दौरान शरीर पसीने के माध्यम से पानी बाहर निकालता है, जिससे हमें प्यास का तीव्र अनुभव होता है और हम पर्याप्त पानी पीते हैं. इसके उल्ट जैसे ही पारा गिरता है, शरीर की प्यास महसूस करने की क्षमता कम हो जाती है. विशेषज्ञों के अनुसार प्यास न लगना इस बात का संकेत नहीं है कि शरीर को पानी की आवश्यकता नहीं है, बल्कि यह शरीर की एक जटिल आंतरिक प्रक्रिया का परिणाम है.

ठंड में प्यास

ठंड में शरीर की रक्त कोशिकाएं सिकुड़ जाती हैं, ताकि शरीर की आंतरिक गर्मी को बचाया जा सके. जब ये नसें सिकुड़ती हैं, तो मस्तिष्क के उस हिस्से तक रक्त का प्रवाह बदल जाता है, जो प्यास को नियंत्रित करता है. इस अवस्था में दिमाग का प्यास केंद्र शरीर में पानी की वास्तविक कमी का सटीक आकलन नहीं कर पाता. इस स्थिति को वैज्ञानिक रूप से ‘थर्मल डिहाइड्रेशन’ कहा जाता है. यही कारण है कि प्यास न लगने के बावजूद शरीर अंदरूनी तौर पर पानी की कमी से जूझ रहा होता है.

ठंड में प्यास

ठंड में पानी की कमी केवल प्यास न लगने तक सीमित नहीं है. हवा में नमी का स्तर कम होने के कारण जब हम सांस लेते हैं, तो शरीर के अंदर की गर्म हवा वाष्प के रूप में बाहर निकलती है. इसे ‘रेस्पिरेटरी फ्लूइड लॉस’ कहा जाता है, जिससे फेफड़ों के माध्यम से पानी का निरंतर ह्रास होता रहता है. इसके अतिरिक्त ऊनी और भारी कपड़ों के नीचे होने वाला सूक्ष्म पसीना भी शुष्क हवा में तुरंत सूख जाता है, जिससे हमें अपनी त्वचा से होने वाले पानी के नुकसान का आभास नहीं होता. ऑफिस और घरों में चलने वाले हीटर व ब्लोअर हवा की नमी सोखकर गले, नाक और त्वचा को और अधिक शुष्क बना देते हैं.

Add News18 as
Preferred Source on Google

ठंड में प्यास

शरीर में पानी की कमी के लक्षण अक्सर थकान और ऊर्जा की कमी के रूप में प्रकट होते हैं. यदि आपको बार-बार सिरदर्द, गहरे पीले रंग का पेशाब, कब्ज, फटे होंठ या त्वचा में अत्यधिक रूखापन महसूस हो रहा है, तो यह डिहाइड्रेशन के स्पष्ट संकेत हैं. लंबे समय तक पानी की कमी मेटाबॉलिज्म को सुस्त कर देती है और रोग प्रतिरोधक क्षमता यानी इम्यून सिस्टम को कमजोर बना देती है. इतना ही नहीं, पानी की कमी मस्तिष्क की कार्यक्षमता को भी धीमा कर सकती है और भविष्य में किडनी से जुड़ी गंभीर समस्याओं को जन्म दे सकती है.

ठंड में प्यास

ठंड के दौरान शरीर में पानी का संतुलन बनाए रखना बहुत सरल है, बशर्ते कुछ आदतों को जीवनशैली में शामिल किया जाए. दिन की शुरुआत एक गिलास गुनगुने पानी के साथ करने से पाचन तंत्र सक्रिय होता है. पानी पीने को दिनचर्या का हिस्सा बनाने के लिए हर 90 मिनट का अलार्म लगाया जा सकता है या पानी की बोतल को हमेशा आंखों के सामने रखा जा सकता है. इसके अलावा खान-पान में सूप, संतरा, अंगूर और मौसमी सब्जियों जैसे तरल पदार्थों की मात्रा बढ़ानी चाहिए. चाय या कॉफी जैसे कैफीन युक्त पेय पदार्थों के सेवन से पहले पानी पीना भी जरूरी है, ताकि शरीर का जलीय संतुलन बना रहे.

ठंड के समय लोगों को अपने आप प्यास कम लगने लगती है, जिसके कारण शरीर में पानी की कमी का लोगों को सामना करना पड़ता है. ठंड के समय में पानी पीने से लोग काफी ज्यादा बचते हैं. अगर ऐसा लंबे समय तक रहता है, तो शरीर में कई बीमारियां घर बना लेती हैं. सर्दियों में प्यास कम लगने के कई कारण हैं. हालांकि, यह आप खुद नहीं कर रहे हैं. हमारा दिमाग ठंड में शरीर में बदलावों के कारण ऐसा महसूस कराता है कि पानी की डिमांड शरीर को नहीं है. इसके कारण लोग अपने आप ठंड में पानी पीना बंद कर देते हैं.

कई स्टडीज के अनुसार ठंड में 40 फीसदी तक प्यास कम हो जाती है. ठंड की हवा भी प्यास कम लगने का एक कारण है. जब व्यक्ति ठंडी हवा अंदर लेता है, तो वह शरीर से गर्म हवा बाहर छोड़ता है. यह भी शरीर में पानी की कमी होने का मुख्य कारण है. ठंड में लोग चाय कॉफी का सेवन करते हैं. इसका सेवन करने से 2 मिनट ठंड से राहत तो मिलती है, लेकिन शरीर में धीरे-धीरे पानी की कमी हो जाती है.

न्यूज़18 को गूगल पर अपने पसंदीदा समाचार स्रोत के रूप में जोड़ने के लिए यहां क्लिक करें।
homelifestyle

क्या ठंड में आप भी नहीं पी रहे पानी? हो जाइए सावधान, कहीं न होना पड़ जाए एडमिट

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *