Weight loss drug Ozempic side effects: सोशल मीडिया पर अक्सर दिखाए जाने वाले ‘पहले और बाद में’वाली कहानियों के पीछे का खौफनाक सच सामने आ रहा है. मोटापे से ग्रस्त ऐसे बहुत सारे युवा हैं जो वजन घटाने के लिए ओजेम्पिक जैसी दवाओं को न केवल खुद ही ऑनलाइन खरीद रहे हैं बल्कि बिना डॉक्टरी सलाह के उनका इस्तेमाल भी कर रहे हैं. अब ऐसे मामलों में साइड इफैक्ट्स सामने आने के बाद ये मरीज डॉक्टरों के पास पहुंच रहे हैं.
हाल ही में एक 27 साल की महिला द्वारका स्थित आकाश हेल्थकेयर में पहुंची जहां उसने मोटापे को कम करने के लिए ओजेम्पिक दवा लेने की बात स्वीकारी. ‘उसने बताया हालांकि डिप्रेशन होने के बाद यह दवा बंद करनी पड़ी. ‘उसे लगा था कि वह अपने लिए एक बेहतर रास्ता चुन रही है, लेकिन इसमें उसकी मानसिक सेहत बिगड़ गई.’
इस बारे में आकाश हेल्थकेयर, द्वारका में गैस्ट्रोएंटरोलॉजी, हेपेटोलॉजी और थैरेप्यूटिक एंडोस्कोपी विभाग के वरिष्ठ सलाहकार और निदेशक डॉ. शरद मल्होत्रा बताते हैं कि उनके पास अब ऐसे लोग ज्यादा आ रहे हैं जो वजन कम होने के बाद स्वस्थ नहीं हैं बल्कि ज्यादा घबराए हुए हैं. उनका पेट फूला हुआ है और वे मानसिक परेशानियां झेल रहे हैं.
आकाश अस्पताल के डॉक्टर शरद मल्होत्रा ने बताए ओजेम्पिक के साइड इफैक्ट्स;
ड्रग टुडे से बातचीत में डॉ. मल्होत्रा ने बताया कि पिछले कुछ महीनों में ही उन्होंने ऐसे 8 से 10 मामले देखे हैं. कुछ लोगों के पास डॉक्टर की पर्ची थी लेकिन कुछ लोग ये दवाएं खुद ही ऑनलाइन मंगवा रहे थे. उनमें से दो लोग लंबे समय तक इस्तेमाल के बाद डिप्रेशन में चले गए. यह बहुत बड़ा खतरे का संकेत है.
डायबिटीज के लिए थे ये इंजेक्शन
डॉ. मल्होत्रा कहते हैं, ‘ये इंजेक्शन डायबिटीज के इलाज के लिए बनाए गए थे. वजन घटाना इनका मुख्य उद्देश्य कभी नहीं था. जब लोग बिना डॉक्टर की सलाह के इन्हें इस्तेमाल करने लगते हैं, तो वे गंभीर शारीरिक और मानसिक समस्याओं को बुलावा देते हैं.’
ये हो रहे साइड इफैक्ट
उन्होंने बताया कि इन दवाओं का बिना नियंत्रण के इस्तेमाल पाचन और भूख को नुकसानदेह तरीके से प्रभावित कर रहा है. मरीजों को बहुत कम भूख लगती है, पेट में लगातार गैस और अपच रहती है और बेचैनी महसूस होती है. इससे भी ज्यादा चिंता की बात यह है कि कई लोगों में एंग्जाइटी और डिप्रेशन के लक्षण भी दिखने लगते हैं.
शुरुआत में ही दिखाई देते हैं ये लक्षण
ऐसे साइड इफेक्ट अक्सर पहले महीने में ही दिखाई देने लगते हैं. ‘अचानक भूख खत्म हो जाती है, फिर पेट फूलना, कमजोरी, घबराहट और यह एहसास कि कुछ ठीक नहीं है. ये सब रोजमर्रा की जिंदगी को बहुत प्रभावित करते हैं.
बिना प्रिस्क्रिप्शन नहीं खरीदें दवा
डॉ. मल्होत्रा ने इन दवाओं की आसान उपलब्धता को भी खतरनाक बताया.अगर इतनी ताकतवर दवाएं बिना रोक-टोक के दुकानों या ऑनलाइन मिलती रहीं, तो ऐसे मामलों की संख्या और बढ़ेगी. यह वजन घटाने का कोई चमत्कारी तरीका नहीं है. यह कोई जादुई इंजेक्शन नहीं है जो स्वस्थ जीवनशैली की जगह ले सके. ज्यादा सब्जियां खाना, नियमित व्यायाम करना, अच्छी नींद लेना और शराब व धूम्रपान से बचना ही असली आधार हैं.
कब करें इस्तेमाल
उन्होंने कहा कि वजन घटाने की दवाएं केवल तभी इस्तेमाल करनी चाहिए, जब सच में जरूरत हो और वह भी डॉक्टर की सख्त निगरानी में.जल्दी असर दिखाने वाले उपाय आकर्षक लगते हैं, लेकिन उनकी कीमत अक्सर छुपी हुई होती है.