Indore News: मध्यप्रदेश के इंदौर से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है. शहर के प्रतिष्ठित महात्मा गांधी मेमोरियल मेडिकल कॉलेज में पढ़ाई कर रहे एमबीबीएस फर्स्ट ईयर के छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली. यह घटना कॉलेज परिसर स्थित बॉयज हॉस्टल के भीमराव आंबेडकर ब्लॉक की है, जहां छात्र का शव उसके कमरे में मिला.
मृतक छात्र की पहचान अंतरिक्ष अग्रवाल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से ग्वालियर का रहने वाला था. अंतरिक्ष ने इसी साल एमजीएम मेडिकल कॉलेज में एमबीबीएस फर्स्ट ईयर में दाखिला लिया था और हॉस्टल में रहकर पढ़ाई कर रहा था. परिवार और दोस्तों के लिए यह खबर किसी बड़े सदमे से कम नहीं है.
रूममेट के लौटने पर हुआ खुलासा
घटना का पता तब चला जब अंतरिक्ष का रूममेट कॉलेज से वापस हॉस्टल लौटा. उसने देखा कि कमरे का दरवाजा अंदर से बंद था. कई बार आवाज देने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई जवाब नहीं मिला. शक होने पर अन्य छात्रों की मदद से दरवाजा तोड़ा गया, तो अंदर का दृश्य सभी को झकझोर देने वाला था. अंतरिक्ष कमरे में फांसी पर लटका हुआ था.
कॉलेज प्रशासन और पुलिस को दी गई सूचना
घटना की जानकारी तुरंत हॉस्टल वार्डन और कॉलेज के डीन को दी गई. इसके बाद कॉलेज प्रबंधन ने संयोगितागंज थाना पुलिस को सूचना दी. मौके पर पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम पहुंची और जांच शुरू की गई. छात्र के परिजनों को भी ग्वालियर में इस दुखद घटना की जानकारी दे दी गई है.
पढ़ाई के दबाव में रहने की बात सामने आई
रूम मेट और कुछ छात्रों के मुताबिक अंतरिक्ष पढ़ाई को लेकर काफी दबाव में रहता था. बताया जा रहा है कि घटना वाले दिन वह कॉलेज भी नहीं गया था और दोपहर तक अपने कमरे से बाहर नहीं निकला. हालांकि आत्महत्या के पीछे की असली वजह क्या है, इसका खुलासा जांच के बाद ही हो पाएगा.
एफएसएल टीम कर रही है जांच
फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और एफएसएल टीम पूरे घटनाक्रम की बारीकी से जांच कर रही है. कमरे से मिले सामान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर यह जानने की कोशिश की जा रही है कि छात्र ने यह कदम क्यों उठाया. कॉलेज परिसर में इस घटना के बाद शोक का माहौल है और छात्र बेहद सहमे हुए हैं.
मेडिकल छात्रों पर बढ़ता मानसिक दबाव
यह घटना एक बार फिर मेडिकल छात्रों पर पढ़ाई और प्रतियोगिता के बढ़ते मानसिक दबाव की ओर इशारा करती है. विशेषज्ञों का मानना है कि छात्रों को मानसिक स्वास्थ्य से जुड़ी काउंसलिंग और सहयोग की सख्त जरूरत है, ताकि ऐसे दर्दनाक हादसों को रोका जा सके.
.