UPI पमेंट की दुनिया में एक और फिनटेक कंपनी को मिली NPCI की मंजूरी

हैदराबाद स्थित स्टार्टअप वियोना फिनटेक को भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम (एनपीसीआई) से थर्ड-पार्टी एप्लिकेशन प्रदाता (टीपीएपी) के रूप में काम करने की मंजूरी मिल गई है, जिससे तेजी से बढ़ते यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (यूपीआई) इकोसिस्टम में इसके प्रवेश का मार्ग प्रशस्त हो गया है.

ग्रामीण भारत में होगा डिजि​टल पेमेंट का विस्तार

ग्रैमपे और वियोना पे ऐप बनाने वाली इस फिनटेक कंपनी ने 8 सितंबर को एक प्रेस रिलीज में कहा कि इस मंज़ूरी से बैंकों के साथ साझेदारी में भारत के टियर II, टियर III और ग्रामीण बाजारों में डिजिटल भुगतान का विस्तार करने की उसकी योजनाओं को गति मिलेगी.

किसानों से लेकर दुकानदारों को फायदा

वियोना फिनटेक के फाउंडर रवींद्रनाथ यार्लागड्डा ने कहा, “यह मंजूरी किसानों, दुकानदारों और परिवारों के लिए यूपीआई भुगतान को और अधिक सुलभ बनाने के लिए हमारे फिनटेक एप्लीकेशंस में एनपीसीआई के भरोसे को दर्शाती है” उन्होंने आगे कहा कि कंपनी शहरी और वंचित समुदायों, दोनों के लिए सुरक्षित और सरल वित्तीय उपकरण बनाने पर केंद्रित है.

अपने विजन के एक हिस्से के रूप में वियोना GRAAMPAY के भीतर एक किसान बाजार भी शुरू कर रहा है, जिससे किसान उचित मूल्य निर्धारण, तेजी से निपटान और UPI इकोसिस्टम तक बेहतर पहुंच के लिए खरीदारों से सीधे जुड़ सकेंगे.

ग्रामीण भारत की जरूरतें होंगी पूरी

वियोना का फ्लैगशिप प्लेटफॉर्म ग्रैमपे ग्रामीण भारत की डिजिटल भुगतान जरूरतों को पूरा करता है, जिससे किसानों, छोटे व्यापारियों और स्थानीय समुदायों को डिजिटल कलेक्शन, भुगतान और यूपीआई ट्रांजैक्शन करने में मदद मिलती है. यह प्लेटफार्म ग्रामीण स्तर के उद्यमियों (VLEs) के नेटवर्क के जरिए ग्रामीण ई-कॉमर्स और वित्तीय साक्षरता को भी बढ़ावा देता है.

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