श्योपुर| पशुपालन विभाग में रिश्वतखोरी के एक पुराने मामले में अदालत ने सख्त फैसला सुनाया है। उपसंचालक पशुपालन कार्यालय श्योपुर में पदस्थ ग्रेड-2 कर्मचारी संजीव त्रिपाठी को रिश्वत लेने का दोषी पाते हुए विशेष न्यायालय ने चार वर्ष के सश्रम कारावास और 10
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मामला वर्ष 2019 का है। अभियोजन के अनुसार, ग्वालियर निवासी ओमप्रकाश जाटव ने 23 नवंबर 2019 को लोकायुक्त कार्यालय ग्वालियर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके पुत्र के सातवें वेतनमान की दूसरी किश्त जारी कराने के बदले संजीव त्रिपाठी द्वारा 6,500 रुपए रिश्वत की मांग की जा रही है।
शिकायत की पुष्टि के बाद लोकायुक्त पुलिस ने ट्रैप की कार्रवाई की। फरियादी के निजी निवास, पुरानी छावनी क्षेत्र ग्वालियर में आरोपी को 5,000 रुपए रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। इसके बाद आरोपी के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया। विवेचना पूरी होने पर अभियोग पत्र विशेष न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान अभियोजन की ओर से सहायक निदेशक अभियोजन प्रवीण दीक्षित ने पैरवी की। अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई।
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