Android यूज़र्स सावधान! ये एक वायरस आपकी बैटरी और परफॉर्मेंस को चुपचाप कर रहा है स्लो, ऐसे करें बचाव

एंड्रॉयड स्मार्टफोन को निशाना बनाने वाला एक नया और खतरनाक मैलवेयर सामने आया है, जो पारंपरिक हैकिंग से अलग तरीके से काम करता है. आमतौर पर मैलवेयर यूज़र्स का डेटा चुराने या जासूसी करने के लिए बनाए जाते हैं, लेकिन ये नया AI-आधारित मैलवेयर फोन की परफॉर्मेंस को धीरे-धीरे खराब करने पर फोकस करता है-वो भी बिना यूज़र को भनक लगे.

रिपोर्ट के मुताबिक, यह मैलवेयर फोन में दिखने वाले विज्ञापनों (Ads) को पहचानकर अपने आप उन पर क्लिक करता है. हैरानी की बात यह है कि यह काम बैकग्राउंड में होता है, जिससे यूज़र को पता ही नहीं चलता कि उसका फोन क्यों स्लो हो रहा है या बैटरी तेजी से क्यों खत्म हो रही है.

AI से लैस मैलवेयर कैसे करता है काम?

साइबर सिक्योरिटी कंपनी Dr. Web की रिपोर्ट के अनुसार, यह मैलवेयर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल करता है. यह स्क्रीन पर दिख रहे कंटेंट को पहचान सकता है और जैसे ही कोई विज्ञापन आता है, उस पर अपने आप इंटरैक्ट करता है.

यह लगातार बैकग्राउंड में एक्टिव रहता है, जिससे फोन के प्रोसेसर और बैटरी पर अतिरिक्त लोड पड़ता है. यही वजह है कि फोन धीरे-धीरे स्लो होने लगता है.

कहां से फैल रहा है यह खतरा?

रिसर्चर्स का कहना है कि यह मैलवेयर कुछ एंड्रॉयड ऐप्स के ज़रिए फैल रहा है. इनमें से कुछ ऐप्स शाओमी के GetApps स्टोर और अन्य थर्ड-पार्टी ऐप स्टोर्स में देखे गए हैं. ये ऐसे प्लेटफॉर्म होते हैं, जहां यूज़र को ऐप्स साइडलोड करने पड़ते हैं.

अक्सर यह खतरा तब बढ़ता है, जब लोग अनजान सोर्स से APK फाइल्स, मॉडेड ऐप्स या क्रैक्ड वर्ज़न डाउनलोड करते हैं.

खुद को कैसे रखें सुरक्षित?

  • केवल Google Play Store से ही ऐप्स डाउनलोड करें
  • अनजान APK या मॉड ऐप्स से दूरी बनाएं
  • फोन का Android अपडेट और सिक्योरिटी पैच हमेशा अपडेट रखें
  • Google Play Protect को ऑन रखें
  • किसी भी ऐप को बेवजह ज्यादा परमिशन न दें

AI-बेस्ड साइबर खतरे आने वाले समय में और ज्यादा स्मार्ट हो सकते हैं. ऐसे में ज़रूरी है कि यूज़र इंटरनेट पर सतर्क रहें और छोटी-सी लापरवाही से बचें.

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