Last Updated:
बिहार के सारण जिले के कोपा बसडीला गांव की आनंदी देवी ने मेहनत और हिम्मत के दम पर एक प्रेरणादायक मिसाल पेश की है. जीविका से लोन लेकर शुरू किए गए छोटे से अचार के कारोबार को उन्होंने आज एक सफल उद्योग में बदल दिया है, जहां एक दर्जन से अधिक वैरायटी के स्वादिष्ट अचार तैयार होते हैं और उनकी मांग सऊदी अरब तक पहुंच चुकी है। इसी बिजनेस की बदौलत उन्होंने अपने बच्चों को बेहतर शिक्षा दिलाई, घर बनवाया और अब अन्य महिलाओं को भी रोजगार देकर आत्मनिर्भर बना रही हैं. रिपोर्ट- विशाल कुमार
आनंदी देवी सारण जिले के कोपा बसडीला की निवासी हैं. उन्होंने जीविका से जुड़कर लोन लेकर अचार का उद्योग शुरू किया है, जिसमें एक दर्जन से अधिक वैरायटी के अचार तैयार किए जाते हैं.
इनका स्वाद इतना अच्छा होता है कि ब्लॉक कर्मचारी, स्कूल शिक्षक, बैंक कर्मचारी, अधिकारी और किसान-सभी इसे खाना पसंद करते हैं. इनके द्वारा तैयार अचार सऊदी अरब तक भेजे जाते हैं.
आनंदी देवी ने इसी अचार के बिजनेस से अपने बड़े पुत्र को इंजीनियरिंग की पढ़ाई करवाई है. जो दुबई में इंजीनियर है. जबकि एक पुत्र आईटीआई करके आनंदी देवी के बिजनेस को संभालने में सहयोग करता है. तीसरा पुत्र दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस का तैयारी करता है.
Add News18 as
Preferred Source on Google
जबकि आनंदी देवी की बेटी रांची में रहकर फिजियोथेरेपी कर रही है. इसी अचार के बिजनेस से घर बनवाया है. और अब इलेक्ट्रिक भुजा तैयार करने वाली मशीन लगाकर भुजा तैयार करती हैं. जिसको पैकेट बनाकर छपरा गोपालगंज और सिवान जिले के क्षेत्र में बेचा जाता है.
लोकल 18 से आनंदी देवी ने बताया कि मेरे पास एक दर्जन से अधिक वैरायटी का अचार तैयार होता है. लाल मिर्च, हरा मिर्चा, टमाटर, आम का कुचा, अमला, आम सहित तमाम चीज का अचार तैयार करता हूं. घरेलू मसाले से मेरे पास अचार तैयार किया जाता है.
अजवाइन, मंगरैल, हल्दी, नमक सहित तमाम चीज डालकर बनाया जाता है. स्वाद अच्छा लगने की वजह से लोग सऊदी अरब दुबई भी अचार खरीदकर ले जाते हैं. मेरे चार बच्चे हैं. तीन लड़के एक लड़की हैं. इसी बिजनेस से एक बच्चे को इंजीनियर बनाया है. जो चेन्नई से इंजीनियरिंग करने के बाद दुबई में नौकरी कर रहा है.
दूसरा पुत्र ग्रेजुएशन आईटीआई करके मेरे बिजनेस को संभालता है. वह सत्तू, भुजा बिजनेस को संभालता है. उसके बाद मेरी एक लड़की जहानाबाद से फिजियोथेरेपी की पढ़ाई करती है. जबकि तीसरे नंबर पुत्र दिल्ली में रहकर सिविल सर्विस का तैयारी करता है. मुझे यह बिजनेस करने का आइडिया जीविका से मिला है. अब मैं दूसरे महिलाओं को भी अपने पास रोजगार दे रही हूं.
.