ईरान जंग के बीच ट्रंप को टेंशन दे गया तानाशाह, गुपचुप कर दिया ‘विध्वंसक’ खेल

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Iran War News: ईरान युद्ध के बीच सैटेलाइट तस्वीरों से ऐसा खुलासा हुआ है, जिससे साउथ कोरिया ही नहीं, अमेरिका की भी नींद उड़ जाएगी. जी हां, नॉर्थ कोरिया अपना तीसरा विध्वसंक बहुत तेजी से बना रहा है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि किम जोंग उन का देश उत्तर कोरिया अपने तीसरे 5000-टन के डिस्ट्रॉयर यानी विध्वंसक का निर्माण तेजी से कर रहा है.

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सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि नॉर्थ कोरिया अपने तीसरे 5,000-टन के डिस्ट्रॉयर का निर्माण तेज़ी से कर रहा है

ईरान-अमेरिका जंग से पूरी दुनिया डर के साए में है. मिडिल ईस्ट धुआं-धुआं हो चुका है. पूरी दुनिया में तेल-गैस की किल्लत होने लगी है. ईंधन के दाम आसमान छूने लगे हैं. बावजूद इसके अमेरिका अब तक ईरान जंग में सीजफायर करने को तैयार नहीं है. अमेरिका अपनी शर्तों पर ईरान संग डील चाहता है. ईरान अपनी शर्तों पर. दोनों की लड़ाई में दुनिया पिस रही है. ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को नई टेंशन मिली है. यह टेंशन किसी और से नहीं, बल्कि दुनिया के सबसे खूंखार तानाशाह किम जोंग उन से मिली है. जी हां, ईरान जंग के बीच नॉर्थ कोरिया ने विध्वंसक वाला खेल कर दिया है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि नॉर्थ कोरिया अपने तीसरे 5000-टन के डिस्ट्रॉयर यानी विध्वंसक का निर्माण तेजी से कर रहा है. यहां बताना जरूरी है कि अमेरिका और नॉर्थ कोरिया दोनों एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन हैं.

दरअसल, एक दक्षिण कोरियाई सांसद ने गुरुवार को कहा कि नॉर्थ कोरिया अपने तीसरे 5,000-टन के चो ह्यून-क्लास डिस्ट्रॉयर का निर्माण तेज़ी से कर रहा है, क्योंकि प्योंगयांग अपनी नौसेना शक्ति को मजबूत करने की कोशिश कर रहा है. नॉर्थ कोरियाई नेता किम जोंग-उन ने पिछले साल ऐसे दो युद्धपोत लॉन्च करने के बाद 10 अक्टूबर को सत्ताधारी पार्टी की स्थापना वर्षगांठ तक एक और 5,000-टन के बहुउद्देश्यीय डिस्ट्रॉयर के निर्माण का आदेश दिया है.

पीपल्स पावर पार्टी के प्रतिनिधि यू योंग-वोन ने 12-28 मार्च के बीच अमेरिका स्थित सैटेलाइट इंटेलिजेंस कंपनी वैंटोर द्वारा ली गई सैटेलाइट तस्वीरों का हवाला दिया है. उन्होंने कहा कि पश्चिमी बंदरगाह शहर नामफो में एक शिपयार्ड में नॉर्थ कोरिया यानी उत्तर कोरिया के तीसरे युद्धपोत के पास बड़े क्रेन और क्रेन जहाज काम करते हुए देखे गए. यू ने कहा कि ऐसा लगता है कि नॉर्थ कोरिया युद्धपोत वाला जहाज बनाने की प्रक्रिया के अंतिम चरण में है. उन्होंने बताया कि बड़े क्रेन का इस्तेमाल सुपरस्ट्रक्चर जैसे कि बड़े ब्लॉक, रडार और हथियार प्रणालियों को उठाने के लिए किया जा रहा है.

सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि नॉर्थ कोरिया अपने तीसरे 5,000-टन के डिस्ट्रॉयर का निर्माण तेज़ी से कर रहा है.

सैटेलाइट तस्वीरों से खुला राज
सैटेलाइट तस्वीरों में पिछले साल अप्रैल में लॉन्च होने के बाद पहले चो ह्यून डिस्ट्रॉयर को तैनात करने की तैयारियों के संकेत भी दिखे. ऐसे संकेत मिले हैं कि जहाज का इंजन चल रहा है क्योंकि एग्जॉस्ट पोर्ट से धुआं निकलता हुआ दिखाई दिया है. योनहाप समाचार एजेंसी ने बताया कि क्रेन की हलचल देखी गई है, जिससे पता चलता है कि युद्धपोत पर अतिरिक्त हथियार लगाए गए हैं. यू ने कहा कि ऐसा लगता है कि नॉर्थ कोरिया रूस से मिली सैन्य तकनीकी सहायता के दम पर अपनी नौसेना के आधुनिकीकरण में तेज़ी ला रहा है.

नॉर्थ कोरिया का तीसरा डेस्ट्रॉयर

गौरतलब है कि यह डिस्ट्रॉयर 5,000-टन के युद्धपोतों की एक नई श्रेणी का हिस्सा है. इन्हें नॉर्थ कोरिया के बेड़े में सबसे उन्नत सतह युद्धपोत माना जाता है. इस श्रेणी के पिछले जहाज जैसे कि मुख्य जहाज चो ह्यून और दूसरा जहाज़ कांग कोन पहले ही लॉन्च किए जा चुके हैं. हालांकि उनकी परिचालन तत्परता अभी भी जांच के दायरे में है. सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि दोनों जहाज़ लंबे समय तक गोदी में खड़े रहे हैं और उनकी स्वतंत्र आवाजाही बहुत कम देखी गई है.

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Shankar Pandit

Shankar Pandit has more than 10 years of experience in journalism. Before News18 (Network18 Group), he had worked with Hindustan times (Live Hindustan), NDTV, India News Aand Scoop Whoop. Currently he handle ho…और पढ़ें

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