AI Impacts: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के आने के बाद दुनिया तेजी से बदल रही है और काम करने का तरीका भी नए रूप ले रहा है. कंपनियां अब एआई में बड़े पैमाने पर निवेश कर रही हैं, जबकि कई जगह वर्कफोर्स को कम किया जा रहा है. ऐसे में लोगों के बीच यह चिंता बढ़ रही है कि भविष्य में नौकरियों पर इसका क्या असर पड़ेगा.
एआई चिप बनाने वाली कंपनी के सीईओ की वॉर्निंग
इसी बीच Nvidia के सीईओ Jensen Huang ने एआई के प्रभाव को लेकर अहम चेतावनी दी है. Lex Fridman के पॉडकास्ट में उन्होंने कहा कि एआई खासतौर पर उन कामों को बेहतर तरीके से कर सकती है जो बार-बार दोहराए जाने वाले (repetitive) होते हैं, और कई मामलों में यह इंसानों से अधिक कुशल साबित हो सकती है. इसलिए जिन नौकरियों में तय और दोहराए जाने वाले टास्क हैं, वहां लोगों को एआई का इस्तेमाल सीखना बेहद जरूरी है.
उन्होंने यह भी कहा कि अगर वे किसान या फार्मासिस्ट होते, तो वे जरूर एआई का उपयोग करते, क्योंकि इससे काम करने का तरीका बेहतर होता और उस क्षेत्र में नवाचार के नए अवसर पैदा होते.
जेनसेन हुआंग ने यह भी माना कि आज के समय में टूल्स और टास्क लगातार बदल रहे हैं, जिससे कभी-कभी भ्रम की स्थिति बनती है. हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट किया कि काम का मूल उद्देश्य अक्सर वही रहता है, बस उसे करने के तरीके बदल जाते हैं.
बदल रहे काम के तरीके
गौरतलब है कि पिछले दो वर्षों के दौरान टेक और आईटी क्षेत्र की दिग्गज कंपनियों ने दुनियाभर में बड़े पैमाने पर छंटनी की है. कंपनियों का तर्क है कि आने वाले समय में उनका फोकस और निवेश आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर अधिक रहेगा.
ऐसे में विशेषज्ञों का भी मानना है कि भविष्य में एआई को कार्यक्षेत्र से अलग करना संभव नहीं होगा. इसलिए कर्मचारियों और प्रोफेशनल्स के लिए जरूरी है कि वे एआई को अपनाएं, उसके साथ काम करना सीखें और अपनी स्किल्स को उसी के अनुसार विकसित करें, ताकि बदलते माहौल में प्रासंगिक बने रह सकें.
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