गांव की महिलाओं का कमाल! घर से शुरू किया काम और बिस्किट को बना दिया ब्रांड

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Healthy Millet Jaggery Cookies: सीधी जिले की महिलाओं ने रागी और गुड़ से हेल्दी बिस्किट बनाकर नई पहचान बनाई है. यह पहल कोरोना काल में शुरू हुई और आज कई शहरों तक पहुंच गई है. इन बिस्किट में मैदा और रिफाइंड शुगर का उपयोग नहीं होता, जिससे यह सेहत के लिए फायदेमंद हैं. करीब 300 महिलाएं इस काम से जुड़कर आत्मनिर्भर बन रही हैं. यह कहानी ग्रामीण महिलाओं के सशक्तिकरण और हेल्दी लाइफस्टाइल का बेहतरीन उदाहरण है.

Ragi Biscuit Business Success Story:  मध्य प्रदेश के सीधी जिले की महिलाओं ने ऐसा काम कर दिखाया है, जो अब पूरे प्रदेश में मिसाल बन रहा है. यहां बाजार में मैदा वाले बिस्किट की जगह अब रागी और गुड़ से बने हेल्दी बिस्किट तेजी से लोगों की पसंद बन रहे हैं. खास बात ये है कि ये किसी बड़ी कंपनी के नहीं, बल्कि गांव की महिलाओं के हाथों से तैयार किए जा रहे हैं.

कोरोना काल में शुरू हुआ सफर
इस पहल की शुरुआत कोरोना के समय हुई, जब रोजगार के मौके कम हो गए थे और लोग सेहत को लेकर ज्यादा जागरूक हो रहे थे. ऐसे में महिलाओं ने कुछ अलग करने का सोचा और रागी-गुड़ के बिस्किट बनाने का काम शुरू किया. शुरुआत छोटी थी, लेकिन सोच बड़ी थी लोगों को हेल्दी और देसी विकल्प देना.

पूरी तरह नेचुरल और हेल्दी
समूह से जुड़ी अनुप्रिया कुशवाहा बताती हैं कि इन बिस्किट में न मैदा होता है और न ही रिफाइंड शुगर. इसकी जगह रागी, जौ जैसे मोटे अनाज और गुड़ का इस्तेमाल किया जाता है. इसी वजह से ये बिस्किट सेहत के लिए फायदेमंद माने जाते हैं और कई डॉक्टर भी इन्हें डाइट में शामिल करने की सलाह दे रहे हैं.

एक महिला ने बदली तस्वीर
इस पूरे अभियान को आगे बढ़ाने में चंद्रावती सिंह गौड़ की बड़ी भूमिका रही. उन्होंने आजीविका मिशन के तहत महिलाओं को जोड़ा, उन्हें बचत और बैंकिंग सिखाई और धीरे-धीरे उत्पादन शुरू कराया. शुरुआत में बाजार में पहचान बनाना मुश्किल था, लेकिन अब इन बिस्किट की डिमांड तेजी से बढ़ रही है.

गांव से शहर तक पहुंचा स्वाद
आज ये बिस्किट सिर्फ सीधी तक सीमित नहीं हैं, बल्कि रीवा, सतना, शहडोल और भोपाल जैसे शहरों तक पहुंच चुके हैं. इसके अलावा महिलाएं ज्वार, बाजरा और जौ से बने दूसरे हेल्दी प्रोडक्ट भी बना रही हैं.

300 महिलाओं को मिला रोजगार
इस पहल से करीब 300 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जो अब आत्मनिर्भर बन रही हैं. ये काम न सिर्फ उन्हें कमाई दे रहा है, बल्कि समाज को भी एक हेल्दी विकल्प दे रहा है. सीधी की ये महिलाएं साबित कर रही हैं कि अगर हिम्मत हो, तो छोटी शुरुआत भी बड़ा बदलाव ला सकती है.

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Shweta Singh

Shweta Singh, currently working with News18MPCG (Digital), has been crafting impactful stories in digital journalism for more than two years. From hyperlocal issues to politics, crime, astrology, and lifestyle,…और पढ़ें

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