दो बेटियों का कमाल, 10 मिनट में बनाया मूंगफली और काजू से शिव-पार्वती का पोर्ट्रेट, विश्व रिकॉर्ड हासिल

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Shiva-Parvati Carved: धार्मिक नगरी उज्जैन की दो प्रतिभाशाली बेटियों ने अनोखी कला से देश का नाम रोशन किया है. उन्होंने काजू और मूंगफली जैसे छोटे दानों पर भगवान शिव-पार्वती की आकर्षक आकृति उकेरकर विश्व स्तर पर पहचान बनाई. इस अद्भुत रचना के लिए उन्हें वर्ल्ड वाइड बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में स्थान मिला.

Shiva-Parvati Carved: विश्व प्रसिद्ध बाबा महाकाल की नगरी में अनगिनत सितारे छुपे हुए हैं. जो समय-समय पर बाहर आकर देश दुनिया पर अपनी छाप छोड़ते हैं. ऐसा ही एक कारनामा महाशिवरात्रि से पहले उज्जैन की दो प्रतिभाशाली बेटियों ने कर दिखाया है. जिससे उज्जैन शहर का नाम गौरवान्वित हुआ है. सूक्ष्म कला का अद्भुत प्रदर्शन करते हुए खुशी शर्मा ने मूंगफली के छोटे से दाने पर भगवान शिव की मनोहारी आकृति उकेरी, वहीं रिद्धिमा जैन ने काजू पर शिव-पार्वती की सुंदर तस्वीर साकार कर दी. महज 10 से 15 मिनट में तैयार की गई इन कलाकृतियों ने सभी को चौंका दिया. खुशी को वर्ल्ड वाइड बुक में स्थान मिला, जबकि रिद्धिमा ने वर्ल्ड वाइड बुक के साथ इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड में भी अपनी उपलब्धि दर्ज कराई. यह सफलता महाकाल की नगरी के लिए गर्व का क्षण है.

कौन हैं उज्जैन की यह बेटियां 
उज्जैन की ये दोनों बेटियां शहर की उभरती हुई प्रतिभाशाली कलाकार हैं, जिन्होंने सूक्ष्म कला के क्षेत्र में असाधारण दक्षता का परिचय दिया है. इतनी बारीक और लघु आकृतियां तैयार करना अत्यंत जटिल और धैर्यपूर्ण प्रक्रिया है, जिसे उन्होंने अपने कौशल, एकाग्रता और सटीक तकनीक के बल पर संभव बनाया. उनकी यह अनोखी कलाकृति केवल रचनात्मकता का प्रदर्शन नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपरा से गहरे जुड़ाव का सशक्त प्रतीक भी है. इस उपलब्धि ने न केवल उज्जैन, बल्कि पूरे मध्य प्रदेश को अंतरराष्ट्रीय मंच पर सम्मान और नई पहचान दिलाई है.

मूंगफली के दाने पर उकेरी अपनी कला
22 वर्षीय खुशी शर्मा उज्जैन के क्षिप्रा फाइन आर्ट्स कॉलेज की बीएफए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं. उन्होंने बताया कि उन्होंने मूंगफली के छोटे से दाने पर वॉटर कलर तकनीक से भगवान शिव की सूक्ष्मतम आकृति तैयार की, जिसे “सबसे छोटी शिव कलाकृति” श्रेणी में वर्ल्ड वाइड बुक में दर्ज किया गया है. खुशी ने यह कलाकृति जनवरी माह में बनाई थी. 7 फरवरी को उन्हें चयन की आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई, जबकि एक माह के भीतर उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा. खुशी की यह उपलब्धि उनकी मेहनत और सूक्ष्म कला पर पकड़ को दर्शाती है.

रिद्धिमा ने काजू पर उकेरी अपनी कला
वहीं, दूसरा वर्ल्ड वाइड बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड 18 वर्षीय  रिद्धिमा जैन को मिला है. जो कि बीएफए प्रथम वर्ष की छात्रा हैं और सूक्ष्म कला के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बना रही हैं. रिद्धिमा ने बताया कि उन्होंने काजू के छोटे से आकार पर पोस्टर कलर की मदद से भगवान शिव और माता पार्वती की अत्यंत बारीक आकृति उकेरी. उनकी यह कलाकृति “सूक्ष्म आकृति” श्रेणी में वर्ल्ड वाइड बुक और इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड दोनों में दर्ज की गई है. रिद्धिमा ने यह सृजन जनवरी माह में तैयार किया था और 7 फरवरी को उन्हें चयन की आधिकारिक सूचना प्राप्त हुई. एक माह के भीतर उन्हें प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जाएगा.

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Deepti Sharma

Deepti Sharma, currently working with News18MPCG (Digital), has been creating, curating and publishing impactful stories in Digital Journalism for more than 6 years. Before Joining News18 she has worked with Re…और पढ़ें

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