अद्भुत घंटी वाला पौधा! सुंदरता,दवा और कई रोगों में रामबाण, जाने पीली घंटियों का चमत्कार

Last Updated:

येलो बेल्स जल्दी बढ़ने वाले, कम देखभाल वाले और कम पानी में भी पनपने वाले पौधे हैं. यह न केवल बाग-बगीचों की सुंदरता बढ़ाते हैं बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर हैं. पारंपरिक चिकित्सा में इसके पत्ते और छाल बुखार, शुगर, पेट की समस्याओं और सूजन में उपयोगी माने जाते हैं. चमकीले पीले फूल मधुमक्खियों और तितलियों को आकर्षित कर बगीचे के पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत बनाते हैं.

येलो बेल्स यानी पीली घंटियों वाले पौधे की सबसे खास बात यह है कि, इसमें तेजी से बढ़ने की क्षमता होती है. यह कम पानी, कम देखभाल और सामान्य मिट्टी में भी आसानी से पनप जाती है. इसी के चलते शहरों से लेकर गांवों तक लोग इसे अपने घर, गार्डन और पार्क में बड़े शौक से लगा रहे हैं. यह दिखने में भी बेहद खूबसूरत लगता हैं.

येलो बेल्स का पौधा न केवल सुंदरता में आगे हैं बल्कि, यह पौधा औषधीय गुणों से भी भरपूर माना जाता है. पारंपरिक चिकित्सा में इसकी पत्तियों और छाल का उपयोग बुखार, शुगर और पेट से जुड़ी समस्याओं में किया जाता रहा है, जिससे इसकी उपयोगिता और भी बढ़ जाती है. यह छोटे से ही फूल देने लगता हैं.

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना तिवारी के मुताबिक, इसमें सूजन-रोधी गुण भी पाए जाते हैं. इसके पत्तों का लेप घावों और त्वचा संक्रमण में राहत देने के लिए इस्तेमाल किया जाता है. गांव देहात में तो इसे घरेलू इलाज के तौर पर भी अपनाया जाता रहा है.

Add News18 as
Preferred Source on Google

यह पौधा बाग बगीचे के शौकीनों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, इसके चमकीले पीले, घंटी जैसे फूल गार्डन, क्यारियों और गमलों की खूबसूरती को कई गुना बढ़ा देते हैं. जहां यह पौधा लगा हो, वहां का रंग और ताजगी अपने आप निखर जाती हैं.

यह पौधा सूखा-सहनशील होने के कारण उन जगहों के लिए भी बेहतरीन विकल्प है, जहां पानी की कमी रहती है. एक बार जम जाने के बाद इसे ज्यादा देखभाल की जरूरत नहीं पड़ती हैं, जिससे यह पर्यावरण के लिहाज से भी टिकाऊ पौधा साबित होता है. यह हर बागवानी के सुंदरता में चार चांद लगा देता हैं.

 येलो बेल्स के कई फायदे बताए जाते हैं, लेकिन इसके औषधीय उपयोग से पहले आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह लेनी बहुत जरूरी है. सही जानकारी के साथ इसका उपयोग किया जाए, तो यह पौधा सुंदरता, सेहत और पर्यावरण तीनों को बेहतर बना सकता है.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *