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Aloo Littii Recipe: दरभंगा की आलू लिट्टी बहुत फेमस है. यह बिना लहसुन-प्याज के त्योहारों के लिए आदर्श हैं. बिहारी संस्कृति से जुड़ी यह अनोखी लिट्टी चटनी या अचार के साथ बेहद स्वादिष्ट लगती है.
दरभंगा: बिहार की धरती पर कई ऐसे व्यंजन हैं जो अपनी विशिष्टता और स्वाद के लिए पूरे देश में प्रसिद्ध हैं, और लिट्टी चोखा उनमें से एक है. यह पारंपरिक बिहारी व्यंजन न केवल स्वादिष्ट है, बल्कि बिहार की सांस्कृतिक पहचान भी है. लेकिन आज हम आपको एक अनोखी लिट्टी के बारे में बताने जा रहे हैं जो अपने आप में दो अलग-अलग स्वादों का संगम है. यह लिट्टी देखने में जितनी आकर्षक है, खाने में उतनी ही अनूठी है.
यह पारंपरिक सत्तू की लिट्टी नहीं है, बल्कि आलू से बनी एक विशेष लिट्टी है जो त्योहारों के लिए बेहद खास मानी जाती है. खास बात यह है कि आप इस आलू की लिट्टी को बिना लहसुन-प्याज के भी बना सकते हैं. जो इसे पर्वों के लिए एक आदर्श विकल्प बनाता है. तो आइए जानते हैं इस अनोखी आलू लिट्टी के बारे में जो आपके परिवार के साथ त्योहारों का स्वाद और भी बढ़ा देगी.
जानें बनाने की विधि
सबसे पहले आलू को उबाल लें. उबालने के बाद आलू को अच्छी तरह मैश कर लें. मैश किए आलू में हल्दी, लाल सूखी मिर्च पाउडर, हरी मिर्च (यदि चाहें), गरम मसाला मिलाएं. इन सबको हल्के हाथों से मिला लें. साथ में फ्राई किए बादाम भी मिला सकते हैं. गेहूं का आटा लें या मैदा लें और उसे अच्छी तरह गूंथ लें. ध्यान रखें कि आटा थोड़ा टाइट होना चाहिए, ज्यादा ढीला नहीं. गूंथे आटे के बराबर-बराबर हिस्से में लोइयां बना लें. प्रत्येक लोई में आलू का मसाला भरें और उसे लिट्टी का आकार दें.
ऐसे तले लिट्टी
गैस पर एक कढ़ाई चढ़ाएं, उसमें रिफाइन तेल या सरसों का तेल डालें. तेल गरम होने पर उसमें लिट्टी डालकर तलें जब तक वह ऊपर से ब्राउन न हो जाए, यानी पूरी तरह से पक न जाए. जब लिट्टी पर ब्राउन कलर आ जाए तो उसे निकाल लें और गरमा गरम परोसकर चटनी या अचार के साथ इसका आनंद उठाएं. यह आलू लिट्टी त्योहारों और विशेष अवसरों के लिए एक अच्छा विकल्प है.
बिना लहसुन-प्याज के भी बनाएं
अनोखी लिट्टी एक स्वादिष्ट विकल्प
आलू की यह अनोखी लिट्टी एक स्वादिष्ट विकल्प है जो त्योहारों और विशेष अवसरों पर आपके भोजन को और भी आकर्षक बना सकती है. इसे बनाना आसान है और इसका स्वाद हर किसी को पसंद आएगा. बिहार की इस विशेष लिट्टी को घर पर बनाकर आप अपने परिवार के साथ इसका आनंद ले सकते हैं और बिहारी संस्कृति का स्वाद चख सकते हैं.
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले…और पढ़ें
मैंने अपने 12 वर्षों के करियर में इलेक्ट्रॉनिक, प्रिंट और डिजिटल मीडिया में काम किया है। मेरा सफर स्टार न्यूज से शुरू हुआ और दैनिक भास्कर, दैनिक जागरण, दैनिक भास्कर डिजिटल और लोकल 18 तक पहुंचा। रिपोर्टिंग से ले… और पढ़ें
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