पशुपालकों के लिए अलर्ट! फैल रही पाला, ठंड और नमी, ऐसे करें मवेशियों की रक्षा

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पशुधन को सर्दी के इस सितम से बचाने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए कोरबा स्थित पशुधन विभाग की डॉक्टर प्रियंका ने पशुपालकों के लिए तीन महत्वपूर्ण बातों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है.डॉ. प्रियंका के अनुसार, सर्दी के मौसम में मवेशी पालकों को अपने पशुओं के आवास, भोजन और टीकाकरण (वैक्सीनेशन) पर विशेष ध्यान देना चाहिए. 

कोरबा.जैसे-जैसे तापमान में गिरावट आ रही है, पशुपालकों के लिए अपने पशुधन की देखभाल करना चुनौतीपूर्ण हो जाता है. सर्दियों के मौसम में अक्सर मवेशी ठंड के शिकार हो जाते हैं या उन्हें निमोनिया जैसी गंभीर बीमारियां लग जाती हैं, जिससे पशुपालकों को आर्थिक रूप से भारी नुकसान उठाना पड़ता है. पशुधन को सर्दी के इस सितम से बचाने और उन्हें स्वस्थ रखने के लिए कोरबा स्थित पशुधन विभाग की डॉक्टर प्रियंका ने पशुपालकों के लिए तीन महत्वपूर्ण बातों पर विशेष ध्यान देने की सलाह दी है.डॉ. प्रियंका के अनुसार, सर्दी के मौसम में मवेशी पालकों को अपने पशुओं के आवास, भोजन और टीकाकरण (वैक्सीनेशन) पर विशेष ध्यान देना चाहिए.

आवास प्रबंधन: जमीन की ठंडक से बचाव जरूरी
ठंड से बचाव के लिए सबसे पहला और महत्वपूर्ण कदम आवास प्रबंधन है.डॉ. प्रियंका ने बताया कि पशुओं को सीधे जमीन की ठंडक से बचाने के लिए उनके नीचे पर्याप्त मात्रा में पैरा (पुआल) या भूसा बिछाना अनिवार्य है.यह बिछौना न केवल उन्हें गर्मी प्रदान करता है, बल्कि उन्हें गीलेपन और नीचे की सर्द जमीन से भी बचाता है. इसके अलावा, इस बात का विशेष ध्यान रखा जाए कि पशुओं को सर्द हवाएं या पाला सीधे न लगे. गोशाला या पशुओं के बाड़े को ऐसी दिशा से बंद कर देना चाहिए जिससे ठंडी हवा का झोंका सीधे मवेशियों पर न पड़े. इसके लिए शेड के किनारों पर टाट, बोरे या प्लास्टिक की चादरों का उपयोग किया जा सकता है.

संतुलित भोजन: हरे चारे और दाने का महत्व
सर्दी के दिनों में पशुओं में रोग प्रतिरोधक क्षमता बनाए रखना अत्यंत आवश्यक है, जिसका सीधा संबंध उनके भोजन से है. डॉ. प्रियंका ने बताया कि केवल सूखे चारे (सूखा पैरा या भूसा) पर निर्भर रहने से पशुओं को पर्याप्त पौष्टिक आहार नहीं मिल पाता, जिससे वे कमजोर हो जाते हैं और निमोनिया जैसी बीमारियों का शिकार बन सकते हैं. पशुओं को निमोनिया से बचाने के लिए उनके आहार में पर्याप्त मात्रा में पौष्टिक तत्व शामिल करें. हरे चारे को प्राथमिकता दें और साथ ही दाना मिश्रण, खली तथा मिनरल मिक्सचर का पर्याप्त इंतजाम रखें. यह संतुलित आहार पशुओं को अंदर से मजबूत बनाता है.

समय पर टीकाकरण
सर्दियों में कई वायरल और बैक्टीरियल बीमारियां तेजी से फैलती हैं.इसलिए पशुपालकों को चाहिए कि वे पशुधन विभाग से संपर्क साधकर अपने मवेशियों का उचित समय पर टीकाकरण अवश्य कराएं.टीकाकरण किसी भी वायरल डिजीज से बचाव का सबसे सरल और प्रभावी तरीका है.
डॉ. प्रियंका ने अपील की है की पशुपालक भाई इन तीन सरल लेकिन महत्वपूर्ण बातों का ध्यान रखकर अपने पशुधन को सर्दी के मौसम में होने वाले गंभीर नुकसान से बचा सकते हैं और अपनी आय सुनिश्चित कर सकते हैं.

About the Author

Amit Singh

7 वर्षों से पत्रकारिता में अग्रसर. इलाहबाद विश्वविद्यालय से मास्टर्स इन जर्नालिस्म की पढ़ाई. अमर उजाला, दैनिक जागरण और सहारा समय संस्थान में बतौर रिपोर्टर, उपसंपादक औऱ ब्यूरो चीफ दायित्व का अनुभव. खेल, कला-साह…और पढ़ें

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