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Air Pollution in Delhi-NCR: सर्दियों की शुरुआत होने से पहले ही दिल्ली-एनसीआर में हवा जहरीली हो गई है. आने वाले कुछ सप्ताह में एयर क्वालिटी और ज्यादा बिगड़ सकती है. ऐसे में बच्चों, बुजुर्गों, अस्थमा पेशेंट्स, दिल के मरीजों और प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए कई खतरे पैदा हो सकते हैं. इन लोगों को पॉल्यूशन से बचने की हर संभव कोशिश करनी चाहिए.
Air Pollution Health Risks: एयर पॉल्यूशन की समस्या सर्दियों में सबसे ज्यादा कहर बरपाती है. सर्दियों की शुरुआत हुई है और दिल्ली-एनसीआर में एयर क्वालिटी बिगड़ने लगी है. कई जगहों पर AQI 300 के पार हो गया है और इसे देखते हुए GRAP-1 लागू किया गया है. आने वाले कुछ सप्ताह में हवा जहरीली होने की आशंका है. जब हवा में जहरीले तत्व मिल जाते हैं, तब इससे सेहत के लिए कई खतरे पैदा हो जाते हैं. टॉक्सिक एयर क्वालिटी का असर सिर्फ सांस की तकलीफ तक ही सीमित नहीं है, बल्कि यह कई गंभीर बीमारियों को जन्म दे सकती है. ऐसे में यह जानना बेहद जरूरी है कि एयर पॉल्यूशन किन लोगों के लिए सबसे ज्यादा खतरनाक हो सकता है और इससे बचने के लिए क्या कदम उठाए जा सकते हैं.
डॉक्टर के अनुसार बुजुर्गों में पहले से ही क्रॉनिक बीमारियां हो सकती हैं, जिससे पॉल्यूशन की मार उनके लिए जानलेवा बन सकती है. जिन लोगों को पहले से ही अस्थमा, क्रोनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिजीज (COPD) या कोई अन्य रेस्पिरेटरी डिसऑर्डर है, उनके लिए एयर पॉल्यूशन का खतरा बहुत ज्यादा होता है. प्रदूषण में मौजूद पार्टिकुलेट मैटर PM2.5 और PM10 उनकी सांस की नलियों में सूजन पैदा कर सकता है, जिससे सांस लेने में दिक्कत, सीने में जकड़न और खांसी जैसी समस्याएं बढ़ जाती हैं. कई बार तो जहरीली हवा से यह समस्या बहुत ज्यादा बढ़ जाती है.
डॉक्टर मंत्री के मुताबिक दिल के मरीजों पर भी जहरीली हवा का सीधा असर होता है. पॉल्यूशन के कारण खून में ऑक्सीजन की मात्रा कम हो जाती है, जिससे दिल पर अधिक दबाव पड़ता है. इससे हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी घटनाओं का खतरा कई गुना बढ़ जाता है. प्रेग्नेंट महिलाओं को भी प्रदूषित हवा से विशेष सावधानी बरतनी चाहिए. एयर पॉल्यूशन का असर मां और उसके गर्भ में पल रहे बच्चों दोनों पर पड़ता है. पॉल्यूशन के संपर्क में आने से समय से पहले डिलीवरी, कम वजन का बच्चा और यहां तक कि गर्भपात की आशंका भी बढ़ सकती है. ऐसे में प्रेग्नेंट महिलाओं को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.
एक्सपर्ट की मानें तो एयर पॉल्यूशन केवल फेफड़ों तक सीमित नहीं है. इससे आंखों में जलन, खुजली, गले में खराश और त्वचा पर एलर्जी जैसे लक्षण भी नजर आते हैं. पॉल्यूशन से बचने के लिए जितना हो सके, घर में ही रहें. बाहर निकलते समय मास्क जरूर पहनें. बच्चों, बुजुर्गों और अस्थमा या हार्ट के मरीज समय-समय पर चेकअप करवाएं और डॉक्टर से सलाह लें. जहरीली हवा से बचने के लिए घर में एयर प्यूरिफायर लगवा सकते हैं. पॉल्यूशन का असर कम करने के लिए लाइफस्टाइल सुधारें और अच्छी डाइट लें. इसके अलावा पर्याप्त पानी पिएं और किसी भी तरह की समस्या होने पर डॉक्टर से मिलें.
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें
अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्… और पढ़ें
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