Summer Agri Tips: रबी की फसल कटते ही किसान भाई गर्मी की तैयारी में लग जाते हैं. यही वो समय है जब लौकी, करेला, गिलकी, तुरई जैसी कद्दू वर्ग की सब्जियां बोई जाती हैं. लेकिन असली कमाई सिर्फ खेती करने में नहीं, बल्कि समय से पहले बाजार में पहुंचने में है.
जो किसान अपनी फसल 15-20 दिन पहले तैयार कर लेते हैं, वही अच्छे दाम ले जाते हैं. क्योंकि जब बाजार में माल कम होता है तो भाव अपने आप चढ़ जाते हैं. बाद में जब चारों तरफ से आवक बढ़ती है, तो रेट गिर जाते हैं और मुनाफा आधा रह जाता है.
अभी से तैयार करें नर्सरी, मिलेगा सीधा फायदा
अगर आप फरवरी के आखिर या मार्च की शुरुआत में बुवाई करने वाले हैं, तो अभी से नर्सरी डाल दें. 3-4 इंच के पॉलीबैग में गोबर की सड़ी खाद और मिट्टी मिलाकर बीज लगा दें. ठंड ज्यादा हो तो ऊपर से पॉलिथीन ढककर छोटा सा देसी पॉलीहाउस बना लें.
15-20 दिन में पौधे तैयार हो जाएंगे. जब खेत में लगाने का समय आए, तो सीधे पौधे रोप दें. इससे आपका करीब 15 दिन का समय बच जाएगा और फसल जल्दी फल देने लगेगी. बस यही 15 दिन आपको बाजार में सबसे आगे खड़ा कर देंगे.
मचान बनाकर बढ़ाएं पैदावार
कद्दू वर्ग की फसल बेल वाली होती है, इसलिए डेढ़ से दो मीटर ऊंचा मचान बना लें. इससे बेल ऊपर चढ़ेगी, फल साफ और लंबे बनेंगे और तोड़ाई भी आसान रहेगी. एक-एक मीटर के गड्ढे बनाकर उसमें 50 ग्राम सिंगल सुपर फॉस्फेट या एनपीके खाद डालें. साथ में गोबर की खाद मिलाएं और तीन-तीन पौधे लगा दें. करेला को किनारे पर लगाकर मचान पर चढ़ा दें.
एक खेत में दो फसल, कमाई भी डबल
सबसे बढ़िया बात ये है कि मचान के नीचे खाली जगह को यूं ही न छोड़ें. वहां मेथी, पालक, धनिया या मूली लगा दें. जब तक ऊपर वाली बेल बढ़ेगी, नीचे वाली भाजी बिककर पैसा दे देगी. धीरे-धीरे रबी की भाजी बाजार से खत्म हो जाती है, ऐसे में अगर आपकी हरी सब्जी तैयार हो गई तो भाव शानदार मिलते हैं.
जल्दी बाजार, ज्यादा दाम
खेती में असली खेल टाइमिंग का है. जो किसान 15-20 दिन पहले फसल ले आता है, वही फायदा उठाता है. थोड़ी सी समझदारी, नर्सरी की तैयारी और मचान की व्यवस्था करके गर्मी की खेती से अच्छा मुनाफा कमाया जा सकता है.
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