वैलेंटाइन वीक के बाद कपल्स जरूर कराएं ये 3 टेस्ट, हर तरह की टेंशन हो जाएगी दूर ! मस्त रहेगी लव लाइफ

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Health Tests After Valentine Week: वैलेंटाइन वीक में कपल्स खुलकर प्यार का इजहार करते हैं. कई बार प्यार-प्यार में लोग गलती कर बैठते हैं, जिससे उनकी सेहत बिगड़ सकती है. ऐसे में सभी कपल्स को वैलेंटाइन वीक के बाद कुछ हेल्थ टेस्ट जरूर कराने चाहिए, ताकि इंफेक्शन का खतरा न रहे. इससे कपल्स की टेंशन भी दूर हो जाएगी और वे खुश महसूस करेंगे.

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कपल्स को वैलेंटाइन वीक के बाद हेल्थ चेकअप जरूर करवाना चाहिए.

Health Checkup for Couples: वैलेंटाइन वीक का हर दिन कपल्स के लिए खास होता है. हर दिन लोग अनोखे अंदाज में अपने प्यार का इजहार करते हैं. इस वीक का समापन 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे पर होता है. वैलेंटाइन वीक में कपल्स एक-दूसरे के साथ ज्यादा समय बिताते हैं और दोनों के बीच में नजदीकियां भी बढ़ती हैं. यह रिश्ते को मजबूत करने के लिए अच्छा संकेत होता है, लेकिन एक्साइटमेंट में कई लोग गलती कर बैठते हैं. हेल्थ एक्सपर्ट्स की मानें तो प्यार का इजहार करते वक्त लोगों को थोड़ी सावधानी बरतनी चाहिए. लापरवाही के कारण इंफेक्शन का खतरा बढ़ सकता है. इसलिए वैलेंटाइन वीक के बाद सभी कपल्स को कुछ जरूरी हेल्थ टेस्ट कराने चाहिए. इससे दोनों को किसी भी तरह की टेंशन नहीं रहेगी.

डॉक्टर्स की मानें तो वैलेंटाइन वीक के बाद कपल्स को सेक्सुअली ट्रांसमिटेड डिजीज (STD) की स्क्रीनिंग करा लेनी चाहिए. यह टेस्ट यौन संबंध से फैलने वाले इंफेक्शन क्लैमाइडिया, गोनोरिया, सिफलिस और एचआईवी जैसी जांच के लिए किया जाता है. कई बार ये इंफेक्शन शुरुआती दौर में कोई लक्षण नहीं दिखाते, लेकिन शरीर को धीरे-धीरे नुकसान पहुंचा सकते हैं. समय पर जांच कराने से न सिर्फ सही इलाज मिल जाता है, बल्कि पार्टनर को संक्रमण से बचाया जा सकता है.

जब कपल्स एक दूसरे के नजदीक आते हैं, तो इसका सेहत पर सीधा असर पड़ता है. अगर किसी पार्टनर को कोई बीमारी है, तो वह यौन संबंधों के जरिए दूसरे शख्स को संक्रमित कर सकती है. ऐसे में लोगों को वैलेंटाइन वीक के बाद यूरिन टेस्ट कराना चाहिए. शारीरिक संबंधों के बाद कुछ लोगों में यूरिन इंफेक्शन (UTI) का खतरा बढ़ जाता है. यह खतरा फीमेल्स में ज्यादा होता है. पेशाब में जलन, बार-बार पेशाब आना या पेट के निचले हिस्से में दर्द जैसे लक्षण UTI की ओर इशारा कर सकते हैं. साधारण यूरिन टेस्ट से इस समस्या का जल्दी पता लगाया जा सकता है और समय पर इलाज से परेशानी रोकी जा सकती है.

ब्लड टेस्ट के जरिए कई तरह की बीमारियों का पता लगाया जा सकता है. हेपेटाइटिस बी, हेपेटाइटिस सी और एचआईवी जैसी गंभीर बीमारियों की जांच खून के जरिए की जाती है. ये सभी परेशानियां शारीरिक संबंध के जरिए भी फैल सकती हैं. ब्लड टेस्ट से शरीर की सामान्य सेहत की जानकारी भी मिलती है, जैसे इंफेक्शन या सूजन की स्थिति. यह टेस्ट कपल्स के लिए एक-दूसरे की सेहत को लेकर भरोसा बढ़ाने में भी मदद करता है. इन टेस्ट को कराने का मतलब यह नहीं है कि किसी को कोई बीमारी है, बल्कि यह एक जिम्मेदार और जागरूक कदम है. जब दोनों पार्टनर अपनी हेल्थ को लेकर ईमानदार और सतर्क रहते हैं, तो रिश्ते में भरोसा और समझ दोनों बढ़ते हैं. साथ ही इंफेक्शन का खतरा नहीं रहता है.

(Disclaimer: इस लेख में दी गई जानकारियां और सूचनाएं सामान्य मान्यताओं पर आधारित हैं. Hindi news18 इनकी पुष्टि नहीं करता है. इन पर अमल करने से पहले संबंधित विशेषज्ञ से संपर्क करें.)

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अमित उपाध्याय

अमित उपाध्याय News18 Hindi की लाइफस्टाइल टीम के अनुभवी पत्रकार हैं, जिनके पास प्रिंट और डिजिटल मीडिया में 9 वर्षों से अधिक का अनुभव है। वे हेल्थ, वेलनेस और लाइफस्टाइल से जुड़ी रिसर्च-बेस्ड और डॉक्टर्स के इंटरव्…और पढ़ें

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वैलेंटाइन वीक के बाद कपल्स जरूर कराएं ये 3 टेस्ट, हर तरह की टेंशन हो जाएगी दूर

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