ट्रंप के बयान के बाद तीन दिनों की गिरावट से उबरा शेयर बाजार, 398 अंक उछलकर सेंसेक्स बंद

Stock Market Today: वैश्विक बाजारों से मिले सकारात्मक संकेतों और ग्रीनलैंड मुद्दे पर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के नरम रुख के चलते बृहस्पतिवार को घरेलू शेयर बाजारों ने लगातार तीन कारोबारी सत्रों की गिरावट के बाद मजबूती के साथ वापसी की. बीएसई का 30 शेयरों वाला मानक सूचकांक सेंसेक्स उतार-चढ़ाव भरे कारोबार के बीच 397.74 अंक यानी 0.49 प्रतिशत की तेजी के साथ 82,307.37 अंक पर बंद हुआ. दिन के कारोबार में एक समय सेंसेक्स 873.55 अंक उछलकर 82,783.18 अंक के स्तर तक पहुंच गया था. वहीं, एनएसई का 50 शेयरों वाला सूचकांक निफ्टी 132.40 अंक यानी 0.53 प्रतिशत की बढ़त के साथ 25,289.90 अंक पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान यह 278.25 अंक चढ़कर 25,435.75 तक पहुंच गया था.

बाजार में क्यों उछाल?

सेंसेक्स की 30 में से कई दिग्गज कंपनियों के शेयरों में अच्छी खरीदारी देखने को मिली. भारत इलेक्ट्रॉनिक्स, टाटा स्टील, अदाणी पोर्ट्स, भारतीय स्टेट बैंक, बजाज फिनसर्व, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड, सन फार्मास्युटिकल्स, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडिगो, हिंदुस्तान यूनिलीवर, एचसीएल टेक्नोलॉजीज और एनटीपीसी के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए. इसके विपरीत, इटर्नल, टाइटन, आईसीआईसीआई बैंक, मारुति सुजुकी इंडिया और एचडीएफसी बैंक के शेयरों में बिकवाली का दबाव बना रहा.

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, यूरोपीय संघ के खिलाफ शुल्क लगाने की धमकियों को वापस लेने और भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को लेकर ट्रंप की सकारात्मक टिप्पणियों से निवेशकों की धारणा में सुधार हुआ है. लेमन मार्केट्स डेस्क के शोध विश्लेषक गौरव गर्ग ने कहा कि भू-राजनीतिक चिंताओं में कमी और मजबूत वैश्विक संकेतों के कारण घरेलू बाजारों में सीमित लेकिन स्थिर तेजी देखने को मिली. एशिया के अन्य बाजारों में भी सकारात्मक रुझान रहा और जापान का निक्की, चीन का शंघाई कंपोजिट, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी और हांगकांग का हैंगसेंग सूचकांक बढ़त के साथ बंद हुए. यूरोपीय बाजारों में भी मजबूती देखने को मिली, जबकि अमेरिकी बाजार पिछले सत्र में बढ़त के साथ बंद हुए थे.

मजबूत घरेलू मांग

हालांकि विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) की बिकवाली का सिलसिला जारी रहा और उन्होंने बुधवार को करीब 1,787.66 करोड़ रुपये के शेयर बेचे, लेकिन घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 4,520.47 करोड़ रुपये की मजबूत खरीदारी कर बाजार को सहारा दिया. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि शुरुआती तिमाही नतीजे मौजूदा ऊंचे मूल्यांकन को पूरी तरह समर्थन नहीं दे पा रहे हैं, लेकिन मजबूत घरेलू मांग के चलते आने वाले समय में कॉरपोरेट मुनाफे बेहतर रहने की उम्मीद है. इस बीच, अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 1.10 प्रतिशत गिरकर 64.52 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया, जिससे महंगाई के मोर्चे पर भी कुछ राहत के संकेत मिले हैं.

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