Bhagyashree Fitness Routine: उम्र बढ़ने के साथ शरीर में बदलाव आना स्वाभाविक है. खासकर 40 की उम्र के बाद महिलाओं में हार्मोनल चेंजेस, थकान और मसल्स की कमजोरी जैसी परेशानियां आम हो जाती हैं. ऐसे में फिट रहना सिर्फ दिखावे के लिए नहीं बल्कि हेल्दी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाना चाहिए. बॉलीवुड एक्ट्रेस भाग्यश्री ने हाल ही में अपने इंस्टाग्राम पर एक फिटनेस वीडियो शेयर करते हुए बताया कि उनके लिए “मूवमेंट ही मेडिसिन” है. यानी शरीर को एक्टिव रखना ही असली दवा है. उन्होंने बताया कि उनकी फिटनेस रूटीन में स्टेप-अप एक्सरसाइज का खास रोल है, जिससे शरीर टोंड और एनर्जेटिक बना रहता है. तो आइए जानते हैं ये एक्सरसाइज कैसे काम करती है और क्यों 40 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए बेहद फायदेमंद मानी जाती है.
एक वेबसाइट से बात करते हुए फिटनेस एक्सपर्ट दीपा शर्मा ने कहा, स्टेप-अप एक सिंपल लेकिन इफेक्टिव एक्सरसाइज है. इसे करने के लिए किसी बेंच, बॉक्स या सीढ़ी पर एक पैर रखकर ऊपर चढ़ें और फिर धीरे-धीरे नीचे उतरें. आप इसे घर की सीढ़ियों या जिम की मशीन पर भी कर सकती हैं. इसे “स्टेयर क्लाइंबर” एक्सरसाइज भी कहा जाता है. यह हमारे रोजमर्रा के मूवमेंट जैसा ही है, जैसे सीढ़ियां चढ़ना-उतरना.
40 के बाद महिलाओं के लिए क्यों जरूरी है ये एक्सरसाइज
जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, जांघों और कूल्हों के आसपास की मसल्स कमजोर होने लगती हैं. दीपा शर्मा बताती हैं कि स्टेप-अप या स्टेयर क्लाइंबिंग से इन मसल्स को एक्टिव रखा जा सकता है. इससे हड्डियां मजबूत रहती हैं, बैलेंस बेहतर होता है और हार्ट हेल्थ भी सुधरती है. सबसे बड़ी बात यह कि यह बिना रनिंग के ही आपकी हृदय गति बढ़ाती है और कैलोरी बर्न करने में मदद करती है.
ये एक्सरसाइज रोजमर्रा के कामों में भी सहूलियत देती है, जैसे सीढ़ियां चढ़ते समय या ग्रॉसरी का बैग उठाते वक्त बैलेंस बना रहता है.
कौन लोग सावधानी रखें
हर एक्सरसाइज हर किसी के लिए सही नहीं होती. अगर आपको घुटनों में दर्द, आर्थराइटिस, बैलेंस की दिक्कत या किसी सर्जरी का इतिहास है, तो यह एक्सरसाइज करते वक्त सावधानी जरूरी है.
ध्यान रखें:
हमेशा कम ऊंचाई वाले स्टेप से शुरुआत करें.
जरूरत हो तो दीवार या रेलिंग का सहारा लें.
घुटना अंदर या आगे ज्यादा न झुके.
अगर दर्द तेज या असामान्य लगे तो तुरंत रुक जाएं.
भाग्यश्री के मुताबिक कोर मसल्स के लिए जरूरी एक्सरसाइज
भाग्यश्री ने अपने इंस्टाग्राम पोस्ट में बताया कि 40 की उम्र के बाद महिलाओं के लिए कोर और ऑब्लिक मसल्स पर काम करना बहुत जरूरी है. उन्होंने लिखा, “40 की उम्र के बाद हार्मोनल चेंजेस की वजह से पेट के आसपास फैट बढ़ने लगता है और मसल्स कमजोर होने लगते हैं. अगर आप अपने कोर पर काम करेंगी तो ना सिर्फ फैट कम होगा बल्कि बैक पेन और पॉश्चर से जुड़ी दिक्कतें भी घटेंगी.”
फिटनेस एक्सपर्ट दीपा शर्मा के अनुसार, ऑब्लिक मसल्स यानी पेट के किनारों की मसल्स हमारे कोर को स्ट्रॉन्ग बनाती हैं और रीढ़ की हड्डी को सपोर्ट देती हैं. इससे बैलेंस और फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है.
भाग्यश्री की फिटनेस रूटीन में शामिल 4 असरदार एक्सरसाइज
1. क्रिस-क्रॉस क्रंचेज
यह एक्सरसाइज पेट के दोनों तरफ की मसल्स पर काम करती है. इससे स्पाइन और टॉर्सो स्ट्रॉन्ग होते हैं, पॉश्चर सुधरता है और पेट की चर्बी घटती है. उम्र बढ़ने पर जब मेटाबॉलिज्म स्लो हो जाता है, तब यह एक्सरसाइज उसे एक्टिव बनाए रखती है.
2. स्टैंडिंग साइड स्ट्रेच
यह बहुत ग्रेसफुल और रिलैक्सिंग एक्सरसाइज है. इससे शरीर के साइड हिस्से की फ्लेक्सिबिलिटी बढ़ती है और कमर के आसपास की जकड़न दूर होती है. यह पाचन को बेहतर करती है और लसीका प्रणाली यानी lymphatic flow को भी संतुलित रखती है.
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