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देश के किसी भी कोने में आप चले जाए, चाहे आपका अपना घर हो या रिश्तेदार का, रसोई खोलते ही एमडीएच के लाल-पीले डिब्बे सबसे पहले नजर आते हैं. हर किसी का भरोसा सिर्फ एमडीएच मसाले पर ही है. इतनी जबरदस्त डिमांड की एक ही वजह है – शुद्धता और स्वाद, जिस पर धर्मपाल गुलाटी जी ने कभी समझौता नहीं किया. आजकल बाजार में न जाने कितने नए मसाला ब्रांड आ गए, लेकिन एमडीएच आज भी नंबर वन की कुर्सी पर है. ये सफलता का झंडा जिसने गाड़ा, उस इंसान का नाम है महाशय धर्मपाल गुलाटी. आज उनकी पुण्यतिथि है, ऐसे में आपको हम बताने जा रहे हैं कि कैसे उन्होंने एमडीएच को नई पहचान दी.
“असली मसाले सच सच, एमडीएच एमडीएच!” ये लाइन आपने कई बार सुनी होगी. ये सुनते ही आपके दिमाग में उस बुजुर्ग अंकल की फोटो आ जाती है जो मूंछें घुमाते हुए मुस्कुराते हैं. लेकिन क्या आप यो जानते हैं कि ये चेहरा भारत के सबसे मशहूर मसाला ब्रांड एमडीएच के मालिक धर्मपाल गुलाटी जी का है.

धर्मपाल गुलाटी का निधन 3 दिसंबर 2020 को 97 साल की उम्र में हुआ था और आज 3 दिसंबर को MDH मसाला कंपनी के मालिक धर्मपाल गुलाटी की पुण्यतिथि है. गुलाटी जी को 2019 में देश के तीसरे सबसे बड़े नागरिक पुरस्कार मिला था.

धर्मपाल गुलाटी का जन्म 27 मार्च 1923 को पाकिस्तान के सियालकोट में हुआ था. पढ़ाई में मन नहीं लगा तो सिर्फ पांचवीं क्लास तक पढ़े और 14 साल की छोटी उम्र में ही पापा के साथ बिजनेस में लग गए. पहले साबुन, कपड़ा, चावल का काम किया, फिर उनके पिता चुन्नी लाल गुलाटी जी ने ‘महाशयां दी हट्टी’ यानी MDH शुरू की.
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उस समय लोग उन्हें प्यार से ‘देगी मिर्च वाले’ कहते थे, क्योंकि उनकी देगी मिर्च पूरे इलाके में मशहूर थी. यहीं से उस छोटी-सी दुकान की नींव पड़ी जो बाद में देश का सबसे बड़ा मसाला ब्रांड बन गई.

1947 के बंटवारे में लाखों लोगों की तरह धर्मपाल गुलाटी जी को भी पाकिस्तान छोड़कर दिल्ली आना पड़ा. उस वक्त उनके पास सिर्फ 1500 रुपये थे, लेकिन हौसला इतना बड़ा था कि हार मानना नामुमकिन था. दिल्ली पहुंचकर पहले तांगा चलाया, परिवार को पाला और जैसे-तैसे पैसे जोड़े.

फिर करोलबाग में एक छोटी-सी मसाले की दुकान खोली। बस यहीं से शुरू हुआ वो संघर्ष और सफर जो बाद में एमडीएच को हर भारतीय घर की रसोई तक पहुंचा गया. कुछ ही समय में धर्मपाल गुलाटी देश में मसाला किंग के नाम से मशहूर हो गए. उनके मसाले के व्यापार को इतनी सफलता मिली कि आज देशभर में उनकी कई मसाला फैक्ट्रियां हैं.

एमडीएच के संस्थापक धर्मपाल गुलाटी जी की कुल संपत्ति 2020 में 5400 करोड़ रुपये से ज्यादा बताई गई थी और आज उनकी कंपनी एमडीएच की कीमत 10 हजार से 15 हजार करोड़ रुपये के बीच है. एक तांगा चलाने वाले ने मेहनत और ईमानदारी से इतना बड़ा साम्राज्य खड़ा कर गए कि आज हर किचन में उनका मसाला होता है.

देशभर में MDH मसालों की यदि इतनी डिमांड है तो इसके पीछे मुख्य वजह है क्वालिटी और टेस्ट. इन दो चीजों के बिना कोई भी मसाला बनाने वाली कंपनी बाजार में टिक नहीं पाएगी.
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