पपीता के बीज को कचरा समझ फेंके नहीं.. फायदे जानने के बाद होगा पछतावा, सेहत का है खजाना

Last Updated:

Benefits of papaya seeds: आज हम आपको रसदार और स्वादिष्ट पपीते के फल के बारे में नहीं, बल्कि इसके बीज की खासियत बताने जा रहे हैं, जिसके अद्भुत फायदे हैरान करने वाले हैं. इसके सेवन से कई रोग दूर हो सकते हैं. आइए पपीते के बीज के पूरे लाभ जानते हैं.

पपीते का बीज

अक्सर फलों के बीजों को बेकार समझकर फेंक दिया जाता है, लेकिन पपीते के बीज सेहत के लिए किसी संजीवनी से कम नहीं हैं. इसके बीज एंटीऑक्सिडेंट, विटामिन, खनिज और फाइबर जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होते हैं, जो शरीर को डिटॉक्स करने और बीमारियों से लड़ने की क्षमता देता है.

पाचन तंत्र

पपीते के बीजों में पपेन और कार्पेन नमक लाभकारी एंजाइम पाए जाते हैं, जो प्रोटीन को तोड़ने और पचने की क्रिया को बेहतर बनाने में सहायता करते हैं. यह आंतों के स्वास्थ्य को सही करने के साथ ही गैस, कब्ज व अपच जैसी समस्याओं से बचाव करता है.

लिवर में लाभ

पपीते के बीज में एंटीऑक्सिडेंट और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुण पाए जाते हैं, जो लिवर को साफ करने और उसके कार्य की क्षमता को बेहतर बनाने में मददगार है. पपीते का बीज लिवर को विषैले तत्वों से निजात दिलाने में बेहद कारीगर हैं.

इम्युनिटी बूस्टर

राजकीय आयुर्वेदिक चिकित्सालय नगर बलिया की पांच साल अनुभवी (एमडी मेडिसिन) चिकित्साधिकारी डॉ. वंदना उपाध्याय ने कहा कि, “पपीते के बीज में विटामिन-C और अन्य एंटीऑक्सिडेंट होते है, जो इम्यून सिस्टम यानी इम्युनिटी पावर को बढ़ाने में कामयाब साबित होते है.

कैंसर और हृदय रोगी

पपीते के बीज में आइसोथियोसाइनेट्स नामक यौगिक होते हैं, जो कैंसर कोशिकाओं के विकास को ही रोक सकते हैं. पपीते के बीज में हेल्दी फैट्स होते हैं, जो कोलेस्ट्रॉल को नियंत्रित कर हृदय रोगों का खतरा कम करते हैं.

त्वचा, बाल और वजन

पपीते का हर अंग ही औषधि है, पपीते के बीज का सही सेवन करने से त्वचा में झुर्रियों, दाग धब्बे और उम्र के हिसाब से होने वाली समस्याओ से भी आराम मिलता हैं. पपीते का बीज कोलेस्ट्रॉल कम कर वजन घटाने में भी सहायता करता है.

सेवन का तरीका

पपीते के बीज को सुखाकर पाउडर बना लें. इसका उपयोग स्मूदी, पानी जूस या सलाद में मिलाकर किया जा सकता है. दिन में एक छोटे चम्मच से अधिक सेवन न करें.

सावधानी भी जरूरी

पपीते का बीज फायदेमंद हैं, लेकिन वहीं अधिक मात्रा में लेने पर नुकसानदेह भी हो सकते हैं. अधिक सेवन से लीवर और डीएनए को नुकसान पहुंच सकता हैं. पुरुषों में यह शुक्राणुओं की संख्या और गतिशीलता को घटा सकता हैं, जबकि गर्भवती महिलाओं में गर्भपात, पेट दर्द, दस्त और गैस की समस्या भी हो सकती है. अतः बगैर आयुर्वेद चिकित्सक से परामर्श लिए इसका सेवन न करें.

homelifestyle

पपीता के बीज को कचरा समझ फेंके नहीं.. फायदे जानने के बाद होगा पछतावा

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *