ईरान-यूक्रेन के बाद रूस ने खोला एक और मोर्चा, बुरे घिरे ट्रंप, पीछे हटा US

Last Updated:

अमेरिका ने क्यूबा पर तेल सप्लाई रोककर दबाव बनाने की कोशिश की थी, लेकिन रूस ने बड़ा कदम उठाते हुए तेल टैंकर भेज दिया. पूरी दुनिया की नजर इस बात पर थी कि क्या रूस इस तेल टैंकर को रोक सकेगा या नहीं. लेकिन ट्रंप ने रूस से पंगा नहीं लिया. अमेरिका के पास टैंकर रोकने का मौका था, लेकिन उसने कार्रवाई नहीं की. विशेषज्ञ मान रहे हैं कि ईरान के साथ चल रहे तनाव के बीच अमेरिका अब रूस से टकराव नहीं चाहता.

Zoom

पुतिन ने क्यूबा भेजा तेल टैंकर.

हवाना: दुनिया में ‘तीसरा विश्वयुद्ध’ कराने की ताकत रखे वाला जहाज अपनी मंजिल की ओर पहुंचता दिख रहा है. रूस का एक बड़ा तेल टैंकर क्यूबा के करीब पहुंच गया है और अमेरिका चाहकर भी उसे रोक नहीं पा रहा है. रूसी झंडे वाले इस टैंकर में करीब 7 लाख 30 हजार बैरल कच्चा तेल भरा है और यह क्यूबा के मातांजास बंदरगाह की ओर बढ़ रहा है. न्यूयॉर्क टाइम्स की रिपोर्ट के मुताबिक यह शिप कुछ ही घंटों में अपने गंतव्य तक पहुंच सकता है. इससे पहले भी एक और रूसी टैंकर करीब 6 लाख 50 हजार बैरल तेल लेकर क्यूबा के समुद्री क्षेत्र में दाखिल हो चुका है.

रूसी तेल टैंकर का क्यूबा जाना क्यों है खास?

यह घटनाक्रम इसलिए खास है क्योंकि अमेरिका ने जनवरी से क्यूबा के चारों ओर तेल सप्लाई पर लगभग पूरी तरह रोक लगा रखी थी. कई हफ्तों से क्यूबा में रहने वाले लोग अंधेरे में जिंदगी जी रहे हैं. न बिजली है और न ही गाड़ियों के लिए तेल. पूरा देश ट्रंप की दादागिरी के कारण ठप हो चुका है. ट्रंप प्रशासन ने उन देशों को भी धमकी दी थी जो क्यूबा को ईंधन भेज रहे थे. यहां तक कि एक मामले में अमेरिकी जहाज ने क्यूबा जा रहे टैंकर को रास्ते से हटा दिया था. लेकिन इस बार तस्वीर बदल गई है. अमेरिकी कोस्ट गार्ड के पास मौके पर जहाज मौजूद थे, जो इस रूसी टैंकर को रोक सकते थे, लेकिन उन्हें कोई आदेश नहीं मिला. एक अमेरिकी अधिकारी के मुताबिक बिना आदेश के कोस्ट गार्ड ने टैंकर को आगे बढ़ने दिया. रूस के खिलाफ अमेरिका पहले से यूक्रेन में फंसा है. वहीं अमेरिका-ईरान की जंग में भी रूस ईरान को मदद दे रहा है. अब यह एक नया मोर्चा है.

क्यूबा पर रूस ने क्या कहा?

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अमेरिका अब रूस से सीधा टकराव नहीं चाहता, खासकर ऐसे समय में जब वह पहले ही ईरान के साथ युद्ध में उलझा हुआ है और नुकसान झेल चुका है. यही वजह है कि ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बावजूद इस बार कार्रवाई नहीं हुई. यह शीत युद्ध की याद दिलाता है, जब क्यूबा सोवियत संघ के साथ था. रूस ने भी साफ कर दिया है कि वह क्यूबा के साथ खड़ा है. मेक्सिको में रूस के दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि क्यूबा पर लगाए गए सभी प्रतिबंध गलत हैं और रूस हर तरह की मदद देने को तैयार है.

क्यूबा को लेकर रूस ने क्या कहा?

विशेषज्ञ मान रहे हैं कि अमेरिका अब रूस से सीधा टकराव नहीं चाहता, खासकर ऐसे समय में जब वह पहले ही ईरान के साथ युद्ध में उलझा हुआ है और नुकसान झेल चुका है. यही वजह है कि ट्रंप की सख्त चेतावनियों के बावजूद इस बार कार्रवाई नहीं हुई. यह शीत युद्ध की याद दिलाता है, जब क्यूबा सोवियत संघ के साथ था. रूस ने भी साफ कर दिया है कि वह क्यूबा के साथ खड़ा है. मेक्सिको में रूस के दूतावास ने बयान जारी कर कहा कि क्यूबा पर लगाए गए सभी प्रतिबंध गलत हैं और रूस हर तरह की मदद देने को तैयार है.

इस तेल की खेप से क्यूबा को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है. वहां हालात बेहद खराब हो चुके हैं. बिजली कटौती, ईंधन की भारी कमी, महंगाई और स्वास्थ्य सेवाओं पर असर जैसे संकट सामने आ चुके हैं. रिपोर्ट के मुताबिक विशेषज्ञ जॉर्ज पिनोन ने कहा कि यह तेल क्यूबा को कुछ हफ्तों की राहत जरूर देगा, लेकिन यह स्थायी समाधान नहीं है.

About the Author

Yogendra Mishra

योगेंद्र मिश्र ने इलाहाबाद यूनिवर्सिटी से जर्नलिज्म में ग्रेजुएशन किया है. 2017 से वह मीडिया में जुड़े हुए हैं. न्यूज नेशन, टीवी 9 भारतवर्ष और नवभारत टाइम्स में अपनी सेवाएं देने के बाद अब News18 हिंदी के इंटरने…और पढ़ें

.

Share me..

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *