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ATTACK HELICOPTER Mi-35: कंगाल पाकिस्तान ने पहले चोरी की तकनीक वाले चीन हैलिकॉप्टर Z-10 ME की खरीद की है, भारत ने अमेरिका से अपाचे खरीदे है तो पाकिस्तान ने रूस का रुख किया.
रूस से अटैक हेलिकॉप्टर खरीद करने की पाक की तैयारीअपाचे की चीनी कॉपी Z-10ME की खरीद की है
भारतीय सेना ने अपने अटैक हेलिकॉप्टर की फ्लीट में जिस तेजी से इजाफा किया है, उतनी ही तेजी से पाकिस्तान के अटैक हेलिकॉप्टर का बेड़ा जंग खा रहा है. महंगे अटैक हेलिकॉप्टर खरीदने की हैसियत पाकिस्तान की नहीं है, इसलिए कम पैसे में अमेरिकी अपाचे की चीनी कॉपी Z-10ME अटैक हेलिकॉप्टर खरीदकर अपना काम चला रहा है. Z-10 वही चीनी अटैक हेलिकॉप्टर है जिसे पाकिस्तान ने ट्रायल के बाद खामियां निकालकर वापस लौटा दिया था. चीन जो Z-10ME पाकिस्तान को बेच रहा है, उसे पहले वाले वर्जन को अपडेट करके बनाया है. रिपोर्ट के मुताबिक, अब तक चीन ने करीब आधा दर्जन Z-10ME पाकिस्तान को डिलीवर कर चुका है.
पिछले एक दशक के भीतर पाकिस्तान अपने 80 के दशक में अमेरिका से लिए गए AH-1 कोबरा हेलिकॉप्टर की फ्लीट को बदलने की तैयारी में था और 2015 में अमेरिकी AH-1Z वाइपर को चुना था. तब पाकिस्तान 15 गनशिप खरीदने की तैयारी कर चुका था, लेकिन जून 2018 में अमेरिकी राष्ट्रपति डॉनल्ड ट्रंप ने पाकिस्तान को दिए जाने वाले मिलिट्री एड को बंद करने का ऐलान कर दिया. अब जब अमेरिका से ना हो गई तो पाकिस्तान ने अपने बिग ब्रदर तुर्की की ओर रुख किया. उसने तुर्की से अटैक हेलिकॉप्टर T-129 खरीदने की पूरी प्रक्रिया शुरू कर दी. पाकिस्तान की योजना थी कुल 30 T-129 हेलिकॉप्टर लेने की, लेकिन वह डील भी न हो सकी. रूस से S-400 की खरीद के बाद से अमेरिका ने तुर्की पर हथियारों की बिक्री पर प्रतिबंध लगा दिया था, जिसके चलते तुर्की से T-129 गनशिप की डील रद्द हो गई. उसी दौरान चीन लगातार अपने Z-10 को बेचने के लिए पाकिस्तान को एक बाजार के तौर पर देख रहा था.
भारत के सामने बेबस पाकिस्तानी अटैक हेलिकॉप्टर फ्लीट
अटैक हेलिकॉप्टर की कैटेगरी में अभी भारतीय वायुसेना Mi-35 का इस्तेमाल कर रही थी, जो अब पूरी तरह से फेज आउट होने के कगार पर है. कॉम्बैट कैपेबिलिटी को बरकरार रखने के लिए वायुसेना ने 22 अमेरिकी हेलिकॉप्टर अपाचे को शामिल किया है. सभी हेलिकॉप्टर एयर फोर्स को मिल चुके हैं. वहीं, आर्मी एविएशन के लिए 6 अपाचे की खरीद का करार साल 2020 में किया गया. थोड़ी देरी जरूर हुई, लेकिन 3 हेलिकॉप्टर की पहली खेप सेना को मिल चुकी है. अटैक हेलिकॉप्टर में अब तक सेना स्वदेशी एडवांस्ड लाइट हेलिकॉप्टर के वेपनाइज्ड वर्जन रुद्र का इस्तेमाल कर रही है. कुल 75 रुद्र अटैक हेलिकॉप्टर को ऑपरेट कर रही है. भारत को हल्के लड़ाकू हेलिकॉप्टर की भी काफी जरूरत थी और इस जरूरत को पूरा किया HAL निर्मित लाइट कॉम्बैट हेलिकॉप्टर प्रचंड ने. इस हेलिकॉप्टर के ट्रायल हाई ऑल्टिट्यूड एरिया में सफलता पूर्वक पूरे किए गए थे। आर्मी और एयरफोर्स को प्रचंड की डिलीवरी शुरू हो चुकी है.
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