Why Is Alpine Divorce Trending: आज के दौर में रिश्तों में ब्रेकअप और तलाक अब बड़ी बात नहीं रहे. लेकिन हाल के महीनों में सोशल मीडिया पर एक नया और डरावना शब्द वायरल हो रहा है ‘अल्पाइन डिवोर्स.’ सुनने में यह किसी पहाड़ी छुट्टी की अजीब कहानी जैसा लगता है, मगर ऑनलाइन इसे एक खौफनाक तरीके से जोड़ा जा रहा है, जिसमें पार्टनर को पहाड़ों में अकेला छोड़ दिया जाता है. चलिए आपको विस्तार से बताते हैं इस नए ट्रेंड के बारे में.
क्या होता है अल्पाइन डिवोर्स?
दरअसल अल्पाइन डिवोर्स कोई कानूनी प्रक्रिया नहीं है. यह एक बोलचाल का इंटरनेट शब्द है, जिसका मतलब है ट्रेकिंग या पहाड़ी यात्रा के दौरान अपने साथी को जानलेवा हालात में छोड़ देना. आप कल्पना कीजिए, आप बर्फीली चोटियों या सुनसान पहाड़ी रास्तों पर ट्रेक कर रहे हों और अचानक आपका साथी आपको वहीं छोड़कर गायब हो जाए. ऊंचाई वाले इलाकों जैसे स्विस आल्प्स या स्कॉटलैंड के हाइलैंड्स का नाम इसमें इसलिए जुड़ा है क्योंकि वहां मौसम और परिस्थितियां जल्दी खतरनाक हो सकती हैं.
कब शुरू हुआ यह सिलसिला?
इस शब्द की जड़ें 1893 में लिखी गई लेखक रॉबर्ट बार की एक कहानी ‘एन अल्पाइन डिवोर्स’ तक जाती हैं. उस कहानी में एक पति अपनी पत्नी को स्विट्जरलैंड की यात्रा के दौरान खतरनाक हालात में छोड़ने की योजना बनाता है. वह काल्पनिक कथा थी, मगर आज इंटरनेट ने उसी विचार को एक नए, डरावने स्लैंग में बदल दिया है. 2026 की शुरुआत में यह शब्द सोशल मीडिया पर तेजी से फैलने लगा. कई महिलाओं ने अपने अनुभव साझा किए, जहां वे ट्रेक के दौरान खुद को असुरक्षित या अकेला महसूस कर रही थीं. कुछ पोस्ट्स में इसे ‘सर्वाइवर मोमेंट’ की तरह पेश किया गया, जैसे किसी ने मजाक में या गुस्से में साथी को पीछे छोड़ दिया हो. कमेंट सेक्शन में लोगों ने इसे ‘अल्पाइन डिवोर्स’ कहकर पुकारना शुरू कर दिया.
Just saw a Tiktok of a girl whose boyfriend abandoned her during a hike in the woods. The comments were all about how this is a thing multiple men do. It’s so common it’s called Alpine Divorce and there are support groups for it….All I can say is wtf is wrong with men??? Why…
— Maryam (@hell_line0) February 24, 2026
क्या ये रेड फ्लैग है रिश्तों में?
कुछ लोग इसेब्लैक ह्यूमर मानते हैं, तो कुछ इसे रिश्तों में दिखने वाले गंभीर रेड फ्लैग की तरह देखते हैं. हैशटैग्स के जरिए यह ट्रेंड और फैल गया, जहां लोग पहाड़ों में सुरक्षा सलाह भी देने लगे कि जैसे अपना नक्शा और सामान खुद रखें, किसी पर पूरी तरह निर्भर न रहें. सॉइकोलॉजिकल रूप से यह ट्रेंड विश्वासघात के डर को छूता है, खासकर अकेलेपन और असुरक्षा की वह भावना, जो किसी सुनसान जगह में और तेज हो जाती है. कोविड के बाद आउटडोर ट्रिप्स बढ़ीं, और साथ ही रिश्तों की मुश्किलें भी ज्यादा खुलकर सामने आने लगीं.
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