आखिर हर दवा के साथ डॉक्टर क्यों लिखते हैं गैस की गोली? जानिए इसके पीछे की वजह

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Why Doctors Prescribe Gas Medicine With Other Drugs: डॉक्टर आखिर हर बीमारी की दवा के साथ गैस की गोली क्यों लिखते हैं? आगरा के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. आशीष मित्तल ने इसके पीछे का बड़ा कारण बताया है. एंटीबायोटिक और भारी दवाओं से होने वाली पेट में जलन, एसिडिटी और कब्ज जैसी समस्याओं से बचने के लिए यह गोली एक सुरक्षा कवच की तरह काम करती है. पाचन को दुरुस्त रखने और दवाओं के साइड इफेक्ट्स को कम करने में यह गोली कितनी जरूरी है आइए जानते हैं.

आगरा: जब भी हम बीमार होते हैं और डॉक्टर के पास जाते हैं, तो आपने गौर किया होगा कि डॉक्टर पर्चे में मुख्य बीमारी की दवाओं के साथ गैस की एक गोली जरूर लिखते हैं. चाहे आपको बुखार हो, शरीर में दर्द हो या कोई और बड़ी बीमारी, यह गोली अक्सर लिस्ट में शामिल होती है. आखिर डॉक्टर हर मर्ज की दवा के साथ गैस की गोली क्यों देते हैं? क्या यह सिर्फ पेट की गैस के लिए है या इसके पीछे कोई और बड़ी वजह है. आइए जानते हैं.

वरिष्ठ डॉक्टर आशीष मित्तल ने बताया कि मरीज को उसकी मुख्य दवाओं के साथ गैस की गोली देना बहुत जरूरी होता है. दरअसल, इलाज के दौरान दी जाने वाली कई दवाएं, खासकर पेनकिलर (दर्द निवारक) और एंटीबायोटिक, पेट के अंदर एसिड की मात्रा को बढ़ा सकती हैं. इस गैस की दवा के सेवन से मरीज को पेट में होने वाली जलन, अपच और एसिडिटी जैसी परेशानियों से बचाया जाता है. डॉक्टर मरीज की स्थिति और उसकी बीमारी को देखने के बाद ही इस दवा की सही मात्रा तय करते हैं.

उल्टी और कब्ज जैसी समस्याओं से बचाव
डॉ. आशीष मित्तल के अनुसार, भारी दवाओं के सेवन से कई बार मरीजों को जी मिचलाना, उल्टी आना या कब्ज जैसी शिकायतें होने लगती हैं. गैस की यह गोली इन सभी शुरुआती दिक्कतों को रोकने में बहुत मदद करती है. हालांकि, उन्होंने यह भी साफ किया कि यह दवा सिर्फ इलाज के दौरान कुछ समय के लिए ही दी जाती है. इसे परमानेंट यानी हमेशा के लिए लेना सही नहीं होता है. यह दवा मुख्य रूप से पेट की नाजुक अंदरूनी परत को दूसरी दवाओं के तेज असर से बचाकर रखती है.

पाचन में सहायक होती है ये दवाएं
गैस की दवा न केवल एसिडिटी को रोकती है, बल्कि यह शरीर के पाचन तंत्र को भी सुचारू बनाए रखने में काफी मददगार होती है. डॉक्टर बताते हैं कि कई बार मरीज को सिर्फ पेट में गैस और खराब पाचन की समस्या होती है, ऐसी स्थिति में यह दवा उनके लिए किसी रामबाण इलाज से कम नहीं होती. जब मरीज का पाचन तंत्र ठीक रहता है, तो मुख्य बीमारी की अन्य दवाएं भी शरीर पर बेहतर तरीके से असर करती हैं और मरीज बहुत जल्दी ठीक होने लगता है.

खुद से दवा लेना हो सकता है खतरनाक
वहीं, डॉ. मित्तल का कहना है कि आजकल लोग मेडिकल स्टोर से बिना पूछे खुद ही गैस की गोलियां खरीदकर खाने लगते हैं, जो सेहत के लिए बिल्कुल ठीक नहीं है. उन्होंने सख्त सलाह दी है कि हमेशा कोई भी दवा खाने से पहले अपने डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए. दवा की सही मात्रा और उसे लेने का सही समय केवल एक जानकार डॉक्टर ही बता सकता है.

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Seema Nath

सीमा नाथ पांच साल से मीडिया के क्षेत्र में काम कर रही हैं. शाह टाइम्स, उत्तरांचल दीप, न्यूज अपडेट भारत के साथ ही लोकल 18 (नेटवर्क18) में काम किया है. वर्तमान में मैं News18 (नेटवर्क18) के साथ जुड़ी हूं, जहां मै…और पढ़ें

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