US-China Trade War: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चीन को एक बार फिर से निशाना बनाते हुए 1 नवंबर से सभी चीनी आयातों पर 100 परसेंट टैरिफ का ऐलान कर दिया है. इसके साथ ही उन्होंने अमेरिका में बनाए गए या बनाए जा रहे सभी जरूरी सॉफ्टवेयर के एक्सपोर्ट को भी कंट्रोल किए जाने का ऐलान किया है. ट्रंप के इस कदम से दुनिया की दो सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार तनाव बढ़ने की आशंका है.
चीन पर क्यों भड़के ट्रंप?
ट्रंप ने शुक्रवार (10 अक्टूबर) को बताया, अभी पता चला है कि चीन ने अपने यहां बनाए जा रहे लगभग हर प्रोडक्ट पर एक्सपोर्ट कंट्रोल लागू करने का फैसला लिया है. इनमें कुछ ऐसी भी चीजें शामिल की जाएंगी, जो चीन में बनकर तैयार नहीं हुए हैं. चीन के इस फैसले पर आश्चर्य होते हुए ट्रंप ने भी पलटवार कर दिया और 1 नवंबर से सभी चीनी प्रोडक्ट्स पर 100 परसेंट टैरिफ लगा दिया. ट्रंप ने कहा कि चीन का आक्रामक रुख बिना किसी अपवाद के दुनिया भर के सभी देशों को प्रभावित करता है.
जाहिर तौर पर चीन ने पहले से इसका प्लान बनाकर रखा था. इसी के साथ ट्रंप ने यह भी कहा कि अब अमेरिका भी अमेरिका अपने तकनीकी हितों की रक्षा के लिए कुछ बेहद जरूरी सॉफ्टवेयर पर निर्यात नियंत्रण लागू करेगा. इससे आने वाले समय में चीन के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), डेटा सिक्योरिटी, मिलिटरी टेक्नोलॉजी या इंडस्ट्रियल सॉफ्टवेयर की बिक्री सीमित कर दी जाएगी. ट्रंप का यह फरमान एक ऐसे समय पर आया है, जब दोनों देशों के बीच पिछले महीने व्यापार वार्ता को हरी झंडी दिखाई गई थी.
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