19 साल बाद दुर्लभ 6 ग्रह संयोग में महाशिवरात्रि, जानें पूजा विधि-शुभ मुहूर्त

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Maha Shivratri Shubh Muhurat: महाशिवरात्रि पर श्रद्धालुओं को प्रातः स्नान के बाद शुद्ध मन से भगवान शंकर की आराधना करनी चाहिए. श्रद्धानुसार पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से भोलेनाथ का विधिपूर्वक पूजन करना बहुत शुभ माना जाता है. जो श्रद्धालु महाशिवरात्रि पर व्रत रखते हैं, उन्हें अन्न ग्रहण करने से बचना चाहिए और सात्विक आचरण अपनाना चाहिए.

उज्जैन. हिंदू धर्म में हर तिथि और हर वार का विशेष महत्व बताया गया है. पंचांग के मुताबिक, फाल्गुन मास के कृष्ण पक्ष की त्रयोदशी और चतुर्दशी के मिलन समय में महाशिवरात्रि का पावन पर्व मनाया जाता है. इस वर्ष यह महापर्व 15 फरवरी दिन रविवार को मनाया जाएगा. ज्योतिषीय गणना के अनुसार, इस दिन सूर्य, बुध, शुक्र और राहु कुंभ राशि में, केतु सिंह राशि में और चंद्रमा मकर राशि में स्थित रहेंगे. इन ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण त्रिकोण योग और सर्वार्थ सिद्धि योग का अत्यंत शुभ संयोग बन रहा है, जिसे अत्यंत कल्याणकारी और मनोकामना पूर्ण करने वाला माना जाता है.

उज्जैन के प्रसिद्ध ज्योतिष आचार्य पंडित अमर डिब्बावाला ने लोकल 18 को बताया कि साल में आने वाली 12 शिवरात्रियों में फाल्गुन मास की शिवरात्रि को सबसे श्रेष्ठ मानते हुए महाशिवरात्रि कहा जाता है. इस बार ग्रहों की ऐसी दुर्लभ स्थिति बन रही है, जो कई वर्षों बाद दोहराई जा रही है. इससे पहले ऐसा ही संयोग वर्ष 2007 में देखा गया था. लगभग 19 वर्षों बाद एक बार फिर इन्हीं ग्रहों की समान स्थिति में महाशिवरात्रि मनाई जाएगी, जिससे इसका धार्मिक और ज्योतिषीय महत्व और भी बढ़ गया है.

महाशिवरात्रि पर पूजा की शुभ विधि
महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धालुओं को प्रातः स्नान के बाद शुद्ध मन से भगवान शिव की आराधना करनी चाहिए. अपनी श्रद्धा के अनुसार पंचोपचार या षोडशोपचार विधि से महादेव का विधिपूर्वक पूजन करना अत्यंत शुभ माना जाता है. जो भक्त इस दिन व्रत रखते हैं, उन्हें अन्न ग्रहण करने से बचना चाहिए और सात्विक आचरण अपनाना चाहिए. इस अवसर पर क्रोध, लोभ, ईर्ष्या, नशा और छल-कपट जैसी नकारात्मक प्रवृत्तियों से दूर रहना आवश्यक है. दिनभर ‘ॐ नमः शिवाय’ का जप करने से मन शुद्ध होता है और शिव कृपा प्राप्त होती है. पूजा करते समय उत्तर दिशा की ओर मुख करना अधिक फलदायी माना गया है. साथ ही माथे पर चंदन या भस्म का त्रिपुंड अवश्य धारण करना चाहिए. शिवलिंग की पूजा शुरू करने से पहले पहले चढ़ी हुई सामग्री हटाना जरूरी है. बिल्वपत्र को साफ जल से धोकर पुनः अर्पित किया जा सकता है, जिससे उसकी पवित्रता बनी रहती है.

चार पहर की पूजा का विशेष महत्व 
शिव महापुराण में वर्णित है कि महाशिवरात्रि के पावन अवसर पर भगवान शिव की विशेष कृपा प्राप्त करने के लिए चार पहर की पूजा अत्यंत महत्वपूर्ण मानी गई है. यह आराधना प्रदोष काल से प्रारंभ होकर आधी रात के निशिथ काल तक चलती है और ब्रह्म मुहूर्त तक जारी रहती है. इस दिव्य समय में भक्त अपनी श्रद्धा और संकल्प के अनुसार परिवार सहित सामूहिक पूजा कर सकते हैं. वहीं साधक विशेष साधना और अनुष्ठान के माध्यम से महादेव को प्रसन्न कर सकते हैं. ऐसी मान्यता है कि इस दौरान की गई उपासना व्यक्ति के जीवन से सभी कष्ट दूर करती है और उसे सुख, शांति और आध्यात्मिक शक्ति प्रदान करती है. महाशिवरात्रि के पहले पहर का शुभ मुहूर्त शाम 6.19 बजे रहेगा. इस समय गन्ने के रस से शिवलिंग का अभिषेक करना चाहिए. दूसरे पहर का शुभ मुहूर्त रात 9.40 बजे रहेगा, जिसमें शिवलिंग का दही से अभिषेक विशेष फलदायक रहेगा. तीसरे पहर का शुभ मुहूर्त मध्यरात्रि 12.41 बजे रहेगा. इस दौरान शिवलिंग का दूध से अभिषेक शुभ रहेगा. अंतिम पहर का शुभ मुहूर्त 3.18 बजे रहेगा. इसमें विशेष रूप से पूजा की जाती है.

उज्जैन में महाशिवरात्रि की विशेष तैयारी
12 ज्योतिर्लिंगों में प्रमुख श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाशिवरात्रि के भव्य आयोजन को लेकर तैयारियों ने गति पकड़ ली है. 6 फरवरी से ही पर्व की व्यवस्थाओं के तहत मंदिर के मुख्य शिखर की विशेष सफाई, परिसर की रंगाई-पुताई, कोटितीर्थ कुंड की गहन स्वच्छता और आसपास के क्षेत्रों में व्यापक सफाई अभियान चलाया जाएगा. मंदिर प्रांगण में स्थित लगभग 40 छोटे-बड़े मंदिरों की सजावट और पुताई का कार्य अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है.

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Rahul Singh

राहुल सिंह पिछले 10 साल से खबरों की दुनिया में सक्रिय हैं. टीवी से लेकर डिजिटल मीडिया तक के सफर में कई संस्थानों के साथ काम किया है. पिछले चार साल से नेटवर्क 18 समूह में जुड़े हुए हैं.

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Disclaimer: इस खबर में दी गई जानकारी, राशि-धर्म और शास्त्रों के आधार पर ज्योतिषाचार्य और आचार्यों से बात करके लिखी गई है. किसी भी घटना-दुर्घटना या लाभ-हानि महज संयोग है. ज्योतिषाचार्यों की जानकारी सर्वहित में है. बताई गई किसी भी बात का Local-18 व्यक्तिगत समर्थन नहीं करता है.

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