जबलपुर के कटंगा क्षेत्र स्थित जॉनसन स्कूल में दसवीं कक्षा की एक छात्रा को बोर्ड परीक्षा में शामिल नहीं किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि फीस बकाया होने के कारण छात्रा का प्रवेश पत्र रोक दिया गया। इससे नाराज अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को स्कूल पहुंचकर विरोध प्रदर्शन किया और छात्रा को तत्काल परीक्षा में बैठाने की मांग की। नारेबाजी कर गेट पर लगा दिया ताला एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने स्कूल गेट पर नारेबाजी करते हुए तालाबंदी कर दी। प्रदर्शन के दौरान कुछ समय के लिए स्कूल स्टाफ अंदर ही रहा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात करना पड़ा। एबीवीपी नेताओं का कहना है कि शिक्षा संस्थानों का मुख्य उद्देश्य छात्रों का भविष्य बनाना है, न कि फीस के नाम पर उन्हें मानसिक दबाव में डालना। संगठन के नेता आर्यन पुंज ने मामले की निष्पक्ष जांच, स्कूल प्रबंधन पर कार्रवाई और छात्रा को तुरंत परीक्षा में शामिल करने की मांग की है। पूरी फीस एकमुश्त जमा करने की शर्त छात्रा सान्या उइके के अनुसार, वह परीक्षा की तैयारी कर रही थी, लेकिन उसे अचानक पता चला कि फीस बकाया होने के कारण उसका प्रवेश पत्र रोक दिया गया है। सान्या की मां निशा उइके ने बताया कि आर्थिक तंगी के कारण फीस जमा करने में देरी हुई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तिमाही परीक्षा में भी उनकी बेटी को हॉल में बैठाया गया, लेकिन उसे प्रश्न पत्र नहीं दिया गया था। शुक्रवार को स्कूल पहुंचने पर उनसे पूरे साल की फीस एकमुश्त जमा करने की शर्त रखी गई थी। प्रबंधन ने कहा-केवल फीस के आधार पर नहीं रोका दूसरी ओर, स्कूल प्रबंधन ने इन आरोपों से इनकार किया है। प्रबंधक निशा बहागे ने बताया कि संबंधित छात्रा नवंबर माह से नियमित रूप से स्कूल नहीं आ रही थी और उसकी उपस्थिति बहुत कम थी। लगभग 9 हजार रुपए फीस बकाया है, लेकिन यह भी स्पष्ट किया कि उसे केवल फीस के आधार पर नहीं रोका गया। प्रबंधन के अनुसार, कुल 22 छात्रों की फीस बकाया थी, जिनमें से 21 को प्रवेश पत्र जारी कर दिए गए हैं। .