‘फल की चिंता किए बिना अपना सर्वश्रेष्ठ कार्य करना ही सच्चा धर्म है’ यह बात मध्यप्रदेश पुलिस के एडीजी (प्रशिक्षण) राजाबाबू सिंह ने मदरसे के छात्र-छात्राओं से कही। गणतंत्र दिवस के मौके पर उन्होंने सीहोर जिले के दोराहा स्थित मदरसा इस्लामिया मदीनतुल उलूम में छात्रों से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए संवाद किया। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि सेवा और सत्य के मार्ग पर चलना ही मानवता है। संवाद से बढ़ेगी आपसी समझ एडीजी राजाबाबू सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि धार्मिक ग्रंथों का अध्ययन सीमित नहीं रहना चाहिए, उनके नैतिक मूल्यों को जीवन में उतारना चाहिए। उन्होंने कहा, संवाद से आपसी समझ बढ़ेगी। समाज में शांति बनाए रखने के लिए एक-दूसरे के विचारों के प्रति सहनशीलता आवश्यक है। उन्होंने छात्रों को संदेश दिया कि देश की एकता और अखंडता सर्वोपरि है। कश्मीर से कन्याकुमारी तक भारत एक है और इसकी संस्कृति साझा है। सांस्कृतिक राष्ट्रवाद और पुलिसिंग का नया चेहरा
राजाबाबू सिंह ने कुछ समय पहले पुलिस ट्रेनिंग स्कूलों में भी नैतिक शिक्षा के तौर पर धार्मिक ग्रंथों के समावेश पर जोर दिया था। उनका मानना है कि जब एक पुलिस अधिकारी या छात्र आध्यात्मिक रूप से समृद्ध होता है, तो वह समाज के प्रति अधिक संवेदनशील और ईमानदार रहता है। मौलवी अजीमुल्ला की पहल पर हुआ कार्यक्रम
कार्यक्रम का आयोजन मदरसे के संचालक मौलवी अजीमुल्ला के विशेष अनुरोध पर हुआ। मदरसे के शिक्षकों और प्रबंधन ने कहा- ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी में अन्य धर्मों के प्रति सम्मान और वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित होगा। .