गुना जिले के चांचौड़ा इलाके में थाना परिसर में जिंदा जले युवक की मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फतेहगढ़ पुलिस ने मृतक को नकली सोना देने वाले तीन आरोपियों को पकड़ा है। इसी मामले को निपटाने के लिए युवक द्वारा प्रधान आरक्षक को ए
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बता दें कि युवक चंदन पुत्र छीतर गुज्जर निवासी ग्राम कुलंबेह ने चालक आरक्षक सुरेन्द्र भील पर 31 अगस्त को पेट्रोल डालकर आग लगाने का आरोप लगाया था। आग से युवक गले के नीचे से कमर तक झुलस गया था। चंदन का कहना था कि करीब पांच माह पहले उसके मित्र मांगीलाल गुर्जर ने फतेहगढ़ के लंकेश वामन नामक व्यक्ति से करीब 200 ग्राम सोना चार लाख 70 हजार रुपए में खरिदवाया था, लेकिन सोना नकली निकला। इस पर उसने अपने मित्र पुलिस आरक्षक सुरेंद्र भील को पूरी बात बताई और अपने रुपए वापस कराने कहा। इस पर सुरेन्द्र ने एक लाख रुपए की मांग की।
प्रधान आरक्षक सुरेन्द्र भील पर चंदन को जलाने का आरोप है।
1 लाख देने 40 क्विंटल गेहूं बेचा चंदन के अनुसार उसने 40 क्विंटल गेहूं बेचकर एक लाख रुपए सुरंद्र को दिए। लेकिन इसके बाद भी सुरेन्द्र ने उसके चार लाख 70 हजार रुपए नहीं लौटवाए और कोई कार्रवाई भी नहीं की। वहीं एक लाख रुपए वापस मांगने पर टालमटोल करता था। चंदन के अनुसार रविवार को तो सुरेन्द्र एक लाख रुपए लेने से पूरी तरह पलट गया।जब वह उसके घर गया तो सीधे पेट्रोल डालकर माचिस से आग लगा दी। इस दौरान सुरेंद्र भील के लड़के ने चंदन को पकड़ा कर रखा था।
युवक को गंभीर हालत में पहले चांचौड़ा अस्पताल लाया गया। यहां से उसे गुना भेज दिया गया। जिला अस्पताल में इलाज के बाद उसे भोपाल रेफर कर दिया था। चार दिन भोपाल के कमला नेहरू अस्पताल में इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया था। इस मामले में आरक्षक पर पहले हत्या के प्रयास की धाराओं में FIR दर्ज की गई थी। युवक की मौत के बाद हत्या की धारा बढ़ाई गई थी।

आरक्षक के क्वार्टर के सामने जली अवस्था में चंदन। फाइल फोटो।
नकली सोना बेचने वाला पकड़ाया
फतेहगढ़ पुलिस ने बताया कि कमल सिंह गुर्जर निवासी ग्राम कोलाम्बे के द्वारा अपने भाई चंदन सिंह गुर्जर को आज से करीबन 6-7 माह पहले फतेहगढ निवासी लंकेश उर्फ जगदीश पंडित के विरुद्ध नकली सोना देकर 4.70 लाख रुपए की ठगी किए जाने संबंधी एक आवेदन पत्र बीनागंज चौकी पर दिया था। उस पर से चांचौडा थाने में धारा 318(4) बीएनएस के तहत शून्य पर प्रकरण दर्ज कर असल कायमी हेतु फतेहगढ थाना भेजा गया। इसके बाद 4 सितंबर को फतेहगढ थाने पर मामला दर्ज कर जांच में लिया गया।
SP अंकित सोनी द्वारा मृतक चंदन सिंह गुर्जर के साथ हुई ठगी की उक्त घटना को गंभीरता से लेकर प्रकरण में बारीकी से जांच कर आरोपी की जल्द से जल्द गिरफ्तारी के निर्देश दिए गए। निर्देशानुसार फतेहगढ थाना प्रभारी SI जयनारायण शर्मा द्वारा अपनी टीम के साथ प्रकरण की विवेचना की। साथ ही प्रकरण के आरोपी लंकेश भार्गव की तलाश के लिए अपना मुखबिर जाल बिछाकर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए गए।
इसी क्रम में आरोपी लंकेश भार्गव के अपने घर आने की मुखबिर से सूचना मिलने पर फतेहगढ ने से पुलिस की एक टीम आरोपी के घर पहुंची। वहां से आरोपी लंकेश उर्फ जगदीश पुत्र लक्ष्मीनारायण भार्गव उम्र 50 साल निवासी फतेहगढ को गिरफ्तार कर लिया गया। उसने पूछताछ पर अपना जुर्म स्वीकार कर लिया।

आरोपी लंकेश वामन।
4.70 लाख रुपए में नकली सोना बेचा था उसने बताया कि अपने साथी हिम्मत सिंह पारदी निवासी ग्राम बीलाखेडी, जसवंत यादव निवासी मुरादपुर एवं तोफान सिंह यादव निवासी ग्राम खेजरा के साथ मिलकर चंदन सिंह गुर्जर को 4.70 लाख रुपए में नकली सोना बेचा था। चार लाख रुपए हिम्मत सिंह पारदी ने रख लिए थे और 20-20 हजार रुपए तोफान यादव, जसवंत यादव को दिए थे। 30 हजार रुपए लंकेश को मिले थे।
इसके बाद पुलिस द्वारा आरोपी तोफान सिंह यादव, जसवंत सिंह यादव और हिम्मत सिंह पारदी की तलाश की गई। इस दौरान आरोपी तोफान सिंह पुत्र जमनालाल यादव उम्र 54 साल निवासी ग्राम खेजरा थाना धरनावदा और आरोपी जसवंत पुत्र देवीलाल यादव उम्र 37 साल निवासी ग्राम मुरादपुर थाना धरनावदा को भी गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा गिरफ्तार आरोपियों के हिस्से में आए रुपयों में से 60 हजार रुपये बरामद किए गए हैं।
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