Water Bottle In Car Safety: आज की तेज रफ्तार लाइफ में हम अकसर छोटी-छोटी चीजों पर ध्यान देना भूल जाते हैं, जो बाद में बड़ी परेशानी बन सकती हैं. उन्हीं में से एक है कार के अंदर रखी पानी की बोतल. अक्सर ऐसा होता है कि हम सफर के दौरान पानी की बोतल कार में छोड़ देते हैं. कभी आधी पीकर, कभी पूरी बंद बोतल और फिर वह कई दिनों तक वहीं पड़ी रहती है. अगली बार जब प्यास लगती है तो हम बिना ज्यादा सोचे उसी बोतल से पानी पी लेते हैं, क्योंकि पानी तो साफ दिखता है और बदबू भी नहीं आती, लेकिन सवाल ये है कि क्या गाड़ी में रखा पानी वाकई पीने लायक रहता है? क्या बोतल पर लिखी एक्सपायरी डेट ही सब कुछ तय करती है या फिर कार के अंदर का माहौल भी पानी की क्वालिटी पर असर डालता है? खासकर गर्मियों में जब कार धूप में खड़ी रहती है और अंदर का तापमान बहुत ज्यादा हो जाता है, तब ये सवाल और भी जरूरी हो जाता है.
डॉक्टरों का कहना है कि कार में रखा पुराना पानी धीरे-धीरे आपकी सेहत के लिए खतरा बन सकता है. बाहर से देखने में भले ही पानी नॉर्मल लगे, लेकिन उसके अंदर ऐसे केमिकल मिल सकते हैं जो लंबे समय में शरीर को नुकसान पहुंचाते हैं. इसी मुद्दे पर फेमस ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉक्टर मनन वोरा ने भी लोगों को चेतावनी दी है. आइए आसान भाषा में समझते हैं कि गाड़ी में रखा पानी कितने समय तक सुरक्षित रहता है और इसे पीने से क्या-क्या दिक्कतें हो सकती हैं.
कार में रखा पानी कितने दिनों में खराब हो जाता है?
असल में पानी खुद एक्सपायर नहीं होता, लेकिन जिस बोतल में वह रखा होता है, वही सबसे बड़ा फैक्टर बन जाती है. प्लास्टिक की बोतल जब लगातार गर्मी झेलती है, तो उसका मटीरियल धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है. कार धूप में खड़ी हो तो अंदर का तापमान 60 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. ऐसे में प्लास्टिक बोतल से केमिकल पानी में घुलने लगते हैं. डॉक्टरों के मुताबिक अगर प्लास्टिक की बोतल कार में 1–2 दिन भी पड़ी रहे और गाड़ी धूप में खड़ी हो, तो वह पानी पीने के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता. कई दिनों तक रखा पानी तो और भी ज्यादा जोखिम भरा हो जाता है.
डॉक्टर मनन वोरा क्या कहते हैं?
डॉक्टर मनन वोरा बताते हैं कि कार में रखी पुरानी पानी की बोतल आपके लिए सबसे खतरनाक ड्रिंक बन सकती है. गर्मी की वजह से प्लास्टिक डिग्रेड होने लगता है और उससे निकलने वाले केमिकल शरीर के हार्मोन सिस्टम को प्रभावित कर सकते हैं. वह यह भी कहते हैं कि आधी बोतल पानी पीकर उसे कार में छोड़ देना बहुत बड़ी गलती है. बोतल में मुंह से गए बैक्टीरिया, गर्म माहौल में तेजी से बढ़ते हैं. इससे पानी सिर्फ बासी नहीं होता, बल्कि सेहत के लिए नुकसानदेह बन जाता है.
गाड़ी में रखा पानी पीने से क्या नुकसान हो सकते हैं?
कार में रखा पुराना पानी पीने से तुरंत और लंबे समय दोनों तरह के नुकसान हो सकते हैं.
-सिर दर्द और उलझन
-पेट दर्द, गैस या दस्त
-गले में जलन
-थकान और सुस्ती
-लंबे समय में हार्मोन से जुड़ी दिक्कतें
खासकर बच्चों, बुजुर्गों और कमजोर इम्यूनिटी वालों के लिए यह और भी खतरनाक हो सकता है.
क्या मिनरल वॉटर की बोतल ज्यादा सेफ होती है?
अकसर लोग सोचते हैं कि मिनरल वॉटर की सीलबंद बोतल सुरक्षित रहती है, चाहे वह कार में रखी हो. लेकिन हकीकत ये है कि बोतल चाहे किसी भी ब्रांड की हो, प्लास्टिक वही रहता है. गर्मी मिलने पर हर प्लास्टिक से केमिकल निकलने का खतरा रहता है. इसलिए मिनरल वॉटर भी अगर कई घंटे या दिन तक गरम कार में पड़ा रहे, तो उसे पीना सही नहीं माना जाता.
कार में पानी रखने का सही तरीका क्या है?
अगर आपको सफर के दौरान पानी रखना ही है, तो कुछ बातों का ध्यान रखें:
-प्लास्टिक की जगह स्टील या ग्लास बोतल का इस्तेमाल करें
-हर दिन ताजा पानी भरें
-कार में रातभर या कई दिनों तक पानी न छोड़ें
-धूप में खड़ी कार से बोतल निकाल लें
-आधी पी हुई बोतल दोबारा इस्तेमाल न करें
ये छोटी-छोटी आदतें आपको बड़ी परेशानी से बचा सकती हैं.
कब बिल्कुल न पिएं कार में रखा पानी?
अगर बोतल में ये संकेत दिखें तो पानी तुरंत फेंक दें:
-अजीब सा स्वाद
-बोतल का शेप बिगड़ा हुआ
-बहुत ज्यादा गर्म पानी
-बोतल कई दिनों से कार में पड़ी हो
ऐसे पानी को पीने से बेहतर है कि आप नया पानी खरीद लें या घर से बोतल ले जाएं.