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अगर आपके गार्डन या गमले में गुड़हल के पौधे हैं, तो उनका सही देखभाल करना बेहद जरूरी है. बैंगनी गुड़हल न केवल देखने में खूबसूरत होती है, बल्कि इसे सही तरीके से लगाने और कीटों से बचाने पर आपका बगीचा साल भर रंग-बिरंगे फूलों से महकता रहेगा. आइए जानें बैंगनी गुड़हल लगाने, इसकी देखभाल करने और कीट-मुक्त रखने के आसान तरीके.
वरिष्ठ उद्यान निरीक्षक पवन सिंह ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि गुड़हल के कई प्रकार के फूल आते हैं. आमतौर पर लोग लाल या गुलाबी रंग का गुड़हल अपने घर पर लगाना पसंद करते हैं, लेकिन एक बैंगनी रंग का गुड़हल भी होता है. अगर इसे घर पर लगाया जाए तो इसमें साल भर यानी 12 महीने फूल खिलते हैं और इसकी खुशबू भी अलग तरह की होती है. सुल्तानपुर में कई लोगों ने इस बैंगनी रंग के गुड़हल का पौधा लगाया है.

गुड़हल लगाने की दो विधियां होती हैं, जिनमें पहली विधि कटिंग से पौधा लगाना है. इस तरीके में आप गुड़हल की कटिंग से कई नए पौधे तैयार कर सकते हैं. इसके लिए गुड़हल के पौधे की लगभग 5-6 इंच लंबी डाल लेनी होती है, जिससे आसानी से नया पौधा उगाया जा सकता है.

गुड़हल के फूलों के कई नाम होते हैं. कुछ जगहों पर इसे जसुद, शो फ्लावर और चाइना रोज भी कहा जाता है. लेकिन, उत्तर प्रदेश और उत्तरी भारत में इसे ज्यादातर गुड़हल के नाम से ही जाना जाता है.

ज्यादातर लोगों के गार्डन में लाल, गुलाबी और पीला गुड़हल का पौधा मौजूद रहता है, लेकिन कई बार कुछ कारणों से यह सूखने भी लगता है. ऐसे में हम आपको बताते हैं बैंगनी गुड़हल का पौधा लगाने और इसकी देखभाल करने का तरीका, जिसे फॉलो करने से आपका बगीचा बैंगनी गुड़हल के फूलों से महक उठेगा.

बैंगनी गुड़हल का पौधा लगाने के लिए आप इसकी टहनियों को कलम करके भी उगा सकते हैं. इसके लिए टहनियों के नीचे लगी 4-5 पत्तियों को हटा दें, बस आपकी बैंगनी गुड़हल की कलम तैयार है. अब इस कलम को लगाने के लिए किसी कंटेनर में पानी लें और कलम के आधे हिस्से को पानी में डुबाकर हल्की रोशनी में रख दें. 3-4 हफ्ते के भीतर कलम में जड़ विकसित होने लगेगी और कुछ ही दिनों में पौधा तैयार हो जाएगा.

हमें इस बात का ध्यान रखना चाहिए कि जब भी कलम करके गमले में बैंगनी गुड़हल का पौधा लगाएं, तो गमले में अधिक पानी न डालें. ज्यादा पानी डालने या जड़ों में पानी लंबे समय तक रहने से पौधा सूख भी सकता है.

कृषि वैज्ञानिक डॉ. एके सिंह ने बताया कि गुड़हल के पौधों को पानी देते समय पत्तियों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि मिलीबग को शुरुआती स्टेज में पहचानकर हटाना आसान होता है. गिरे हुए पत्तों और मलबे को पौधे के आसपास से हटा देना चाहिए, क्योंकि ये कीटों के लिए छिपने की जगह बन सकते हैं. जब नया पौधा लाएं, तो उसे कुछ दिनों के लिए अलग रखें और अच्छी तरह जांच लें कि उसमें कोई कीट न हो, ताकि वह बाकी पौधों में फैल न पाए.

अगर आपके गार्डन या गमले में लगे गुड़हल के फूलों में मिलीबग के लक्षण दिख रहे हैं, तो आपको इमिडाक्लोरिड 1 मिलीलीटर प्रति लीटर पानी की दर से गुड़हल के फूलों और पत्तों पर छिड़काव करना चाहिए. खासकर उन स्थानों पर ज्यादा ध्यान दें, जहां इसके लक्षण स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हों.
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