जिम्बाब्वे की टी20 टीम के कप्तान सिकंदर रजा के घर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. सोमवार को उनके छोटे भाई मोहम्मद महदी का 13 साल की उम्र में निधन हो गया है. महदी को मंगलवार को वारेन हिल्स कब्रिस्तान में दफनाया गया. जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने पुष्टि करते हुए बताया कि सिकंदर रजा के भाई हीमोफिलिया नाम की बीमारी के साथ जन्मे थे.
हीमोफिलिया एक ब्लीडिंग डिसऑर्डर की बीमारी है, जिसमें खून का थक्का जमता नहीं है. बोर्ड ने आगे बताया कि महदी का स्वास्थ्य पिछले कुछ दिनों से ठीक नहीं था. जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड ने सिकंदर रजा और उनके परिवार के प्रति गहरी संवेदनाएं प्रकट की हैं.
सिकंदर रजा का टूटा दिल
जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड द्वारा जारी स्टेटमेंट अनुसार मोहम्मद महदी का निधन 29 दिसंबर को हरारे में हुआ. उनकी उम्र केवल 13 साल रही और एक दिन बाद वारेन हिल्स कब्रिस्तान में उन्हें दफनाया गया. सिकंदर रजा ने भी जिम्बाब्वे क्रिकेट बोर्ड द्वारा किए गए सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने टूटे हुए दिल का इमोजी शेयर कर अपना दर्द बयां किया.
सिकंदर रजा को आखिरी बार ILT20 2025 में कोई क्रिकेट मैच खेलते देखा गया था. इस टूर्नामेंट में रजा ने 10 मैचों में 171 रन बनाने के साथ-साथ 10 विकेट भी लिए. रजा के शानदार प्रदर्शन के बावजूद उनकी टीम शारजाह वॉरियर्स प्लेऑफ में जगह बनाने में नाकाम रही थी.
सिकंदर रजा अब टी20 वर्ल्ड कप 2026 में जिम्बाब्वे के लिए खेलते नजर आएंगे. वो जिम्बाब्वे टी20 टीम के मौजूदा कप्तान हैं. जिम्बाब्वे को ऑस्ट्रेलिया, श्रीलंका, आयरलैंड और ओमान के साथ ग्रुप B में रखा गया है. जिम्बाब्वे अपने टी20 वर्ल्ड कप अभियान की शुरुआत 9 फरवरी से करेगा, जहां पहले मैच में उसकी भिड़ंत ओमान से होगी.
यह भी पढ़ें:
BCCI कर रही मोहम्मद शमी की वापसी की तैयारी! 2027 वर्ल्ड कप में खेलने पर भी आया अपडेट
बिग बैश लीग से बाहर हुए शाहीन अफरीदी, 2026 टी20 वर्ल्ड कप भी खेलना मुश्किल; आ गया ताजा अपडेट
.