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आज के दौर में जहां सेहत के प्रति जागरूकता लगातार बढ़ रही है, यह जानना भी बेहद जरूरी है कि हमारे रसोईघर में मौजूद साधारण प्राकृतिक चीजें कितनी असाधारण हो सकती हैं. अजवाइन (Carom Seeds) भी ऐसी ही एक छोटी मगर शक्तिशाली चीज है. ये छोटे-छोटे बीज न सिर्फ खाने का जायका बढ़ाते हैं, बल्कि दिल की सेहत, पाचन तंत्र को मजबूत करने और रोग को भगाने में अहम भूमिका निभाते हैं.
अजवाइन को दिल के स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है. अमेरिकन नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन के अनुसार, अजवाइन के बीजों में थाइमोल और कार्वाक्रॉल जैसे विशेष यौगिक पाए जाते हैं. ये प्रभावशाली तत्व हमारे हृदय की मांसपेशियों को मजबूत बनाने और ब्लड प्रेशर (रक्तचाप) को संतुलित बनाए रखने में मदद करते हैं.

ब्लड प्रेशर वह शक्ति है, जिसके द्वारा खून हमारे शरीर के अंगों तक पहुंचता है. यदि यह दबाव अत्यधिक बढ़ या घट जाए, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं को जन्म दे सकता है. अजवाइन ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में अत्यंत सहायक है, क्योंकि यह दिल की मांसपेशियों को आराम प्रदान करती है, जिससे रक्त का प्रवाह सामान्य बना रहता है. इस गुण के कारण यह उच्च ब्लड प्रेशर या अन्य हृदय संबंधी बीमारियों से जूझ रहे लोगों के लिए एक फायदेमंद घरेलू उपाय साबित हो सकती है.

इसके साथ ही, अजवाइन कोलेस्ट्रॉल के स्तर को संतुलित रखने में भी मदद करती है. कोलेस्ट्रॉल एक वसा जैसा पदार्थ होता है, जिसका अधिक होना दिल की बीमारियों के जोखिम को बढ़ाता है. अजवाइन शरीर में खराब कोलेस्ट्रॉल (LDL) की मात्रा को कम करती है और अच्छा कोलेस्ट्रॉल (HDL) बढ़ाने में सहायक होती है. कोलेस्ट्रॉल का यह संतुलन हृदय रोग के खतरे को कम करता है और अप्रत्यक्ष रूप से वजन नियंत्रण में भी योगदान देता है.
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भारतीय रसोई में अजवाइन का सबसे पारंपरिक इस्तेमाल पेट संबंधी समस्याओं को दूर करने के लिए होता है. यह पाचन तंत्र के लिए किसी रामबाण औषधि से कम नहीं है. अजवाइन पेट में बनने वाली गैस, कब्ज (Constipation) और एसिडिटी की समस्या से तुरंत राहत दिलाने के लिए जानी जाती है. इसके सक्रिय तत्व पेट में होने वाली जलन को कम करते हैं, जिससे भोजन का पाचन सही तरीके से होता है और पेट हल्का महसूस होता है.

इसमें ऐसे गुण मौजूद हैं, जो पेट की मांसपेशियों को आराम देते हैं, जिससे पेट की ऐंठन या दर्द की शिकायत दूर होती है. भारी भोजन के बाद या पाचन की समस्या होने पर अजवाइन का सेवन करने की सलाह दी जाती है. अजवाइन में मौजूद थाइमोल गैस्ट्रिक जूस के स्राव को उत्तेजित करता है, जो भोजन को बेहतर तरीके से तोड़ने में मदद करता है. इस प्रकार यह अपच और सूजन से राहत दिलाकर संपूर्ण पाचन क्रिया को मजबूत बनाता है.

सर्दी-जुकाम या खांसी होने पर अजवाइन का पानी पीना या इसके तेल की भाप लेना एक पुराना और कारगर नुस्खा है. इसका तेल मांसपेशियों के दर्द और सर्दी-जुकाम में भी आराम देता है. अजवाइन के ये गुण शरीर को स्वस्थ और सक्रिय बनाए रखने में सहायक हैं.