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Amethi News: इन दिनों महिलाएं स्वयं सहायता समूह से जुड़कर रोजगार पा रही हैं. ऐसी ही कहानी अमेठी की महिलाओं की है, जो अमेठी के भवानी प्रसाद निषाद की ओर से संचालित मूंज प्रोडक्ट समूह से जुड़कर किस्मत बदल रही हैं. आइए यहां की महिलाओं की कहानी जानते हैं.
अमेठी: खुद का रोजगार कर दूसरों को रोजगार देना बहुत कम ही लोग कर पाते हैं, लेकिन अमेठी के एक युवा उद्यमी इस काम को बखूबी निभा रहे हैं. इस काम के जरिए युवा उद्यमी ने ना सिर्फ खुद रोजगार पाया है, बल्कि करीब 100 से अधिक महिलाओं को रोजगार भी दिया है और वह भी सफल होकर उनके समूह में जोड़कर कम कर रही हैं और अच्छा मुनाफा कमा रही हैं.
हम बात कर रहे हैं अमेठी मूंज प्रोडक्ट समूह की. अमेठी मूंज प्रोडक्ट समूह अमेठी के भवानी प्रसाद निषाद संचालित करते हैं. भवानी प्रसाद निषाद करीब 5 वर्षों से समूह में जुड़े हैं. भवानी प्रसाद निषाद के समूह में करीब 16 समूह की 160 महिलाएं जुड़ी हुई हैं, जिनको उन्होंने रोजगार दिया है. पहले बेरोजगारी का अभाव था और खुद भवानी प्रसाद निषाद बेरोजगार थे, लेकिन आज उनके पास खुद का रोजगार है और वह मुनाफा कमा रहे हैं.
50000 से 1 लाख तक का मुनाफा
भवानी प्रसाद निषाद ने लोकल 18 से बातचीत में बताया कि पहले इन समूह के उत्पादों का प्रचलन नहीं था, लेकिन आज के समय में सरकार ने भी इसको बढ़ावा दे दिया, तो इससे अच्छा मुनाफा हो रहा है. 160 महिलाएं समूह में प्रतिदिन सामान तैयार करती हैं. दिनभर मेहनत करती हैं और फिर उसके जरिए समूह में करीब 50 हजार से एक लाख रुपए तक का मुनाफा होता है. इस काम से आज न सिर्फ महिलाओं की किस्मत बदल रही है, बल्कि हमें भी खुद का रोजगार मिला है.
विभिन्न उत्पाद होते हैं तैयार
भवानी प्रसाद निषाद के समूह में डलिया, कुर्सी, टोकरी, मेज, दरी, पेन बॉक्स, रोटी का डब्बा सहित अन्य सामान तैयार होते हैं, जिनकी कीमत 200 से लेकर हजार रुपए तक होती है. उसकी बिक्री भी अच्छे दामों में होती है. खास बात यह है कि समान कभी खराब नहीं होता है.
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आर्यन ने नई दिल्ली के जामिया मिलिया इस्लामिया से पत्रकारिता की पढ़ाई की और एबीपी में काम किया. उसके बाद नेटवर्क 18 के Local 18 से जुड़ गए.
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